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Carpet of Masjid Al Nabawi: दुनिया भर में कई ऐसी मस्जिदें हैं जिनकी टेक्नोलॉजी हैरान कर देती है. कुछ ऐसी की तकनीक का इस्तेमाल मदीना की मस्जिद ए नबवी में भी होता है. दरअसल मस्जिद ए नबवी में बिछने वाले कालीन अत्याधुनिक तकनीक से लेस हैं. इन कालीनों की देखभाल की निगरानी स्मार्ट सिस्टम के ज़रिए की जाती है. मस्जिद प्रशासन का कहना है कि वो यहां आने वाले लोगों को साफ सुधरी, खुशबू से मुअत्तर और कीटाणुरहित कालीन मुहैया करा सकें.
मस्जिद ए नबवी में बिछे हुए कालीन की कई खासियतें हैं. ये कालीन आम कालीनों से बेहद खास होती हैं. इनके खासियतों में से एक यह है कि इनको ज्यादा इस्तेमाल करने पर भी ये प्रभावित नहीं होती. बार बार धोने पर भी इनके रंगों पर कोई असर नहीं पड़ता और ये बहुत ज्यादा मजबूत भी होती हैं. कालीनों की सबसे खास चीज का जिक्र करें तो यह है कि हर कालीन के साथ एक इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है. जिसमें उस कालीन से संबंधित डाटा मौजूद होता है.

मस्जिद ए नबवी की कालीनों में लगी चिप की बात करें तो इसमें मैन्युफेक्चरिंग, इस्तेमाल, जगह, धोने की वक्त काउंटिंग जैसी अहम जानकारी शामिल होती हैं. इतना ही नहीं, बल्कि चिप डिजिटल कोडिंग (बारकोड) के ज़रिए कालीनों की तादाद की गिनती करने और प्रत्येक नमूने की पहचान करने में भी सक्षम है. यह कालीन को आसानी से ट्रैक करने और मस्जिद के अंदर व बाहरी कालीनों की पूरी जानकारी देती है.

मस्जिद नबवी की छत और सहन में 25,000 से ज्यादा कालीन बिछे हुए हैं. उन्हें दिन में 3 बार साफ किया जाता है और उन्हें कीटाणुरहित करने के लिए हर दिन 1600 लीटर से ज्यादा कैमिकल का इस्तेमाल किया जाता है. धुलने के बाद इन कालीनों पर खुशबू भी लगाई जाती है. हर दिन तकरीबन 200 लीटर इत्र (खुशबू) का इस्तेमाल होता है. वहीं हर रोज 150 कालीन धुलती हैं. इनके धुलने का सिस्टम बेहद अत्याधुनिक है.
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