Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam2143082
Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंIftikhar Arif Shayari: रास आने लगी दुनिया तो कहा दिल ने कि जा; इफ्तिखार हुसैन आरिफ के शेर

Iftikhar Arif Shayari: 'रास आने लगी दुनिया तो कहा दिल ने कि जा'; इफ्तिखार हुसैन आरिफ के शेर

Iftikhar Hussain Arif Shayari: इफ्तिखार हुसैन आरिफ उर्दू के शायर हैं. उनका ताल्लुक उत्तर प्रदेश के लखनऊ से है. 1965 में वह पाकिस्तान चले गए.

Iftikhar Arif Shayari: 'रास आने लगी दुनिया तो कहा दिल ने कि जा'; इफ्तिखार हुसैन आरिफ के शेर

Iftikhar Hussain Arif Shayari: इफ्तिखार हुसैन आरिफ उर्दू के मशहूर शायर हैं. वह बुद्धिजीवी और दार्शनिक थे. उनकी पैदाइश 21 मार्च 1940 को लखनऊ में हुई. साल 1965 में वह पाकिस्तान चले गए. उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कला में ग्रेजुएशन किया. उनके तीन संग्रह, 'मेहर-ए-डोनीम', 'हर्फ-ए-बरयाब' और 'जहान-ए-मालूम' कई संस्करणों में प्रकाशित हुए हैं. उन्हें पाकिस्तान सरकार की तरफ से सबसे बड़ा साहित्यिक पुरस्कार 'हिलाल-ए-इम्तियाज', 'सितारा-ए-इम्तियाज' और 'प्रेसिडेंशियल प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस' जैसी पुरस्कार दिए गए हैं.

अज़ाब ये भी किसी और पर नहीं आया 
कि एक उम्र चले और घर नहीं आया 

दुआ को हाथ उठाते हुए लरज़ता हूँ 
कभी दुआ नहीं माँगी थी माँ के होते हुए 

Add Zee News as a Preferred Source

कोई तो फूल खिलाए दुआ के लहजे में 
अजब तरह की घुटन है हवा के लहजे में 

समुंदरों को भी हैरत हुई कि डूबते वक़्त 
किसी को हम ने मदद के लिए पुकारा नहीं 

मिरे ख़ुदा मुझे इतना तो मो'तबर कर दे 
मैं जिस मकान में रहता हूँ उस को घर कर दे 

यह भी पढ़ें: Faisal Ajami Shayari: 'कभी देखा ही नहीं उस ने परेशां मुझ को'; फैसल अजमी के शेर 

दुआएँ याद करा दी गई थीं बचपन में 
सो ज़ख़्म खाते रहे और दुआ दिए गए हम 

ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है 
ऐसी तन्हाई कि मर जाने को जी चाहता है 

दिल पागल है रोज़ नई नादानी करता है 
आग में आग मिलाता है फिर पानी करता है 

ज़माना हो गया ख़ुद से मुझे लड़ते-झगड़ते 
मैं अपने आप से अब सुल्ह करना चाहता हूँ 

घर की वहशत से लरज़ता हूँ मगर जाने क्यूँ 
शाम होती है तो घर जाने को जी चाहता है 

रास आने लगी दुनिया तो कहा दिल ने कि जा 
अब तुझे दर्द की दौलत नहीं मिलने वाली 

ख़ुद को बिखरते देखते हैं कुछ कर नहीं पाते हैं 
फिर भी लोग ख़ुदाओं जैसी बातें करते हैं 

इस तरह की खबरें पढ़ने के लिए zeesalaam.in पर जाएं.

About the Author
author img
Siraj Mahi

सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा ...और पढ़ें

TAGS

Trending news