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नई दिल्ली: Navapur Railway Station दो रियासतों के पीच बंटा हुआ है. इस रेलवे स्टेशन का एक हिस्सा गुजरात में है और दूसरा हिस्सा महाराष्ट्र में है. इस रेवले स्टेशन में एक कुर्सी भी रखी है, जिसका एक हिस्सा गुजरात में है और दूसरा महाराष्ट्र में है.
हो सकता है कि ये सुन कर आपको कुछ अजीब लगे, लेकिन यह सच है, अब यहां पर सवाल उठना लाज़िमी है कि जब ये रेलवे स्टेशन दो राज्यों के बीच बंटा हुआ है तो ये काम कैसे करता है और किस राज्य के नियम लागू होते हैं.
किस तरह बंटा हुआ है
नवापुर रेलवे स्टेशन (Navapur Railway Station) कुछ इस तरह बंटा हुआ है. इसका प्लेटफॉर्म जहां ट्रेन खड़ी होती है वो गुजरात के हिस्से में आता है, लेकिन रेलवे के ऑफिस का हिल्ला महाराष्ट्र में आता है.
कहां है नवापुर रेलवे स्टेशन
नवापुर रेलवे स्टेशन (Navapur Railway Station) गुजरात और महाराष्ट्र के बॉर्डर पर है जो सूरत-भुसावल लाइन पर है. आधा स्टेशन महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में आता है और आधा गुजरात के तापी जिले में. दरअसल, गुजरात और महाराष्ट्र के बंटवारे से पहले ही ये स्टेशन बन चुका था और बंटवारे के बाद भी इस स्टेशन में कोई बदलाव नहीं किया गया जिसका नतीजा ये हुआ कि अब ये दोनों राज्यों में आता है.
दो रियासतों के बीच बंटे इस मुनफरिद नवापुर रेलवे स्टेशन (Navapur Railway Station) पर चार अगल-अलग ज़बानों में रेल मुसाफिरों को जानकारी दि जाती है. यहां हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी में अनाउंसमेंट होता है. ऐसे में यह रेलवे स्टेशन वाकई खास है. हो भी क्यों न जिस रेलवे स्टेशन पर आपको महाराष्ट्र से टिकट लेनी होती है और ट्रेन पकड़ने के लिए गुजरात जाना पड़ता है.
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