Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam1614076
Zee SalaamZee Salaam ख़बरेंRamadan 2023 Date India: भारत में कब है पहला रोज़ा? जानिए सऊदी अरब में रमजान की पहली तारीख

Ramadan 2023 Date India: भारत में कब है पहला रोज़ा? जानिए सऊदी अरब में रमजान की पहली तारीख

Ramadan 2023 Date India: रमजान का पवित्र महीना शुरू होने वाला, हालांकि तारीख को लेकर अभी-भी संशय बना हुआ है. ऐसे में जानिए रमजान 2023 का पहला रोज़ा कब हो सकता है. 

Ramadan 2023 Date India: भारत में कब है पहला रोज़ा? जानिए सऊदी अरब में रमजान की पहली तारीख

Ramadan 2023 Date: मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र महीने रमज़ान (Ramadan 2023 India) का आगाज होने वाला है. आने वाले 22 मार्च को रमजान का चांद (Moon of Ramadan) का देखे जाएगा और 23 मार्च को पहला रोज़ा होने की उम्मीद है. इबादतों का महीना रमज़ान 2023, शाबान महीने के खत्म होने के बाद दिखने वाले चांद के बाद शुरू होगा. जिस शाम चांद दिखेगा उसी रात की सुबह को पहले रोज़े की सेहरी की जाएगी. 

22 मार्च को भी हो सकता है रमजान का पहला रोजा
दरअसल इस्लामी कैलेंडर चांद के इर्द गिर्द घूमता है. कई बार चांद का महीना 29 दिनों का होता है और कई बार 30 दिनों का होता है. ऐसे में अगर शाबाद का महीना (रमजान से पहला यानी इस्लामी कैलेंडर का 9वां महीना) 29 दिनों का होता है तो फिर रमजान 2023 का पहला रोजा 22 मार्च होगा. पहला रोज़ा 22 मार्च का होगा या फिर 23 मार्च का यह 21 मार्च को कंफर्म हो जाएगा. क्योंकि अगर महीना 29 दिनों का हुआ तो 21 मार्च की शाम को चांद नजर आएगा. 

सऊदी अरब में पहला रोजा कब?
वहीं अगर सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में पहले रोज़े की बात करें तो पिछले दिनों खबर आई थी कि 23 मार्च का पहला रोज़ा होने की उम्मीद है. अगर सऊदी अरब में पहला रोजा 23 मार्च का होता है तो फिर भारत में पहला रोजा 22 मार्च को होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. क्योंकि सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देश भारत के मुकाबले एक दिन आगे चलते हैं. 

Add Zee News as a Preferred Source

क्या है रमजान?
रमजान मुसलमानों के सबसे पवित्र महीना होता है. दुनियाभर के मुसलमान इस महीना का इंतेजार करते हैं. क्योंकि रमजान को मगफिरत (माफी) का महीना भी कहा जाता है. मुसलमान इस महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं. साथ ही पूरे महीने भूखे-प्यासे रहकर रोजा रखते हैं. रोजा रखना इस्लाम के 5 बुनियादी फर्ज में से एक है. इसके अलावा इस महीने में सभी मुलमान सदका और ज़कात भी निकालते हैं. यानी अपनी कमाई का कुछ हिस्सा गरीबों को दान के तौर पर देना होता है. 

ZEE SALAAM LIVE TV

TAGS

Trending news