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अमेरिका ने अफगानिस्तान में महिलाओं की यूनिवर्सिटी लेवल की तालीम पर पाबंदी लगाने के तालिबान के हालिया फैसले की निंदा की है. तालिबान सरकार ने औरतों के अधिकारों व स्वतंत्रता पर नकेल कसते हुए मंगलवार को एक नए फरमान में कहा था कि अफगानिस्तान में निजी व पब्लिक यूनिवर्सिटी में महिला छात्रों को फौरन अगले हुक्म तक रोक दिया गया है.
व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की स्पीकर एड्रिएन वॉटसन ने मंगलवार को कहा, ‘‘अमेरिका अफगानिस्तान की महिलाओं को यूनिवर्सिटी लेवल की तालीम हासिल करने से रोकने के लिए तालिबान के फैसले की निंदा करता है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘ यह एक निंदनीय फैसला है और तालिबान की कयादत में अफगानिस्तान में औरतों और लड़कियों पर इजाफी पाबंदी लगाने, उन्हें उनके हक व आजादी का इस्तेमाल करने से रोकने की कोशिश हैं.’’ वॉटसन के मुताबिक अफगानिस्तान के इस रुख से तालिबान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अलग-थलग पड़ जाएगा और जो हैसियत वह हासिल करना चाहता है उससे भी महरूम हो जाएगा.
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘अमेरिका इस मुद्दे पर अपने भागीदारों व साथियों के साथ राब्ते में है. हम अफगानिस्तान की औरतों और लड़कियों का सपोर्ट करने और अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय मदद देने के हमारे साझा कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाना जारी रखेंगे.’’
ख्याल रहे कि इस साल अगस्त में तालिबान ने अफगानस्तान की सत्ता पर कब्जा किया था. उसके बाद यहां के हालात बुरे हैं. अफ्गानिस्तान ने यहां औरतों पर कई पाबंदियां लगा दी हैं. तालिबान ने एक हुक्म जारी किया था जिसमें कहा गया था कि कोई भी औरत अकेले कहीं नहीं जा सकती. वह किसी अपने घर वाले के साथ ही जा सकती है. इससे पहले यहां तालिबान ने लड़कियों के माध्यमिक विद्यालयों में जाने पर पाबंदी लगा दी उसके अब यूनिवर्सिटी में भी जाने पर पाबंदी लगा दी है.
ह्यमन राइट्स वॉच की एक खबर के मुताबिक तालिबान ने साल 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा किया. इसके बाद से तालिबान ने लोगों के बुनियादी अधिकारों पर पाबंदी लगाई, खासकर औरतों के खिलाफ.
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