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Yasin Malik Biography: यासीन मलिक को लेकर कोर्ट जल्द सजा सुना सकता है. यासीन पर आरोप था कि उसने 4 जवानों की हत्या की, कश्मीरी पंडितों की हत्या कर उन्हें घाटी छोड़ने पर मजबूर किया और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मोहम्मद मुफ्ती की बेटी का अपहरण किया. आपको बता दें यासीन की की सजा को लेकर दिल्ली की पटियाला हाई कोर्ट जल्द सजा का ऐलान कर सकती है.
यासीन मलिक ने अपनी ग्रेजुएशन श्रीनगर के एसपी कॉलेज से पूरी की. यासीन मलिक का कहना है कि उसने ज्यादातर जानकारी अपने खुद के विचारों से ली है जब वह जेल में सजा काट रहा था. मलिक को अल्लमा इक़बाल की शायरी और गज़ल पसंद है. इसके अलावा वह इमाम गज़ली को भी पढ़ता है.
यासीन मलिक का जन्म 4 अप्रैल 1966 में हुआ था. यासीन मलिक एक अलगाववादी नेता और मिलिटेंट है. वह कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का चेयरमैन रह चुका है. यासीन ने 2009 में पाकिस्तानी कलाकार मशाल हुसैन मलिक से शादी की थी. जिसके बाद वह 2012 में वह पिता बन गया. मलिक ने श्रीनगर के एस पी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की. यासीन और उसके ग्रुप पर Sher-i-Kashmir Stadium में वेस्ट इंडीज के हो रहे क्रिकिट मैंच को बाधित किया था. इसके अलावा वह कई गैर कानूनी गतिविधियों में भी शामिल रहा. जिसके बाद उसे 4 महीने जेल में भी काटने पढ़े थे.
यासीन मलिक को 1999 में पीएसए (पब्लिक सेफ्टी एक्ट) के तहत गिरफ्तार किया था. जिसके बाद उसे मार्च 2002 में प्रीवेंशन ऑफ टेरारिज्म एक्ट के तहत फिर गिरफ्तार किया गया. जिसके बाद वह तकरीबन एक साल जेल में रहा. मलिक पर 1990 के अटैक और 2017 का टेरर फंडिंग का मामला दर्ज है.
मार्च 2020 में कोर्ट ने यासीन मलिक को रावलपाड़ा में 40 एयरफोर्स के जवनों पर अटैक कराने के मामले में चार्ज तय किए. यह चार्ज कोर्ट ने टाडा और आर्मस एक्ट 1959 के तहत किए. आपको बता दें एयरफोर्स के जवानों पर हुए इस हमले में 4 एयरफोर्स सैनिक शहीद हो गए थे. इसके अलावा यासीन मलिक पर मोहम्मद मुफ्ती सईद की बेटी रुबैया सईद की किडनैपिंद का भी आरोप है.
2017 के टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने यासीन मलिक सहित कई अलगाववादी नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. एजेंसी ने यासीन पर चार्ज लगाया कि उसने पाकिस्तान से कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को चलाने के लिए फंडिंग ली. मार्च 2022 में एक कोर्ट ने सभी सबूतों को जांचा और यासीन पर UAPA लगाने का आदेश दे दिया. जिसके बाद 19 मई 2022 में मलिक के खिलाफ एनआईए कोर्ट ने चार्जेज़ तय किए. जिसमें क्रिमनल कॉन्सप्रेसी, सरकार के खिलाफ जंग, टेरेरिस्ट एक्ट, टेरेरिस्ट एक्ट के लिए फंडिंग जुटाना और टेरिरिस्ट संस्था का मेंबर होने जैसे चार्जेस जुड़े थे.