पाबंदियां हटाए अमेरीका, तभी मुमकिन है बात-चीत: हसन रूहानी

ईरान के सद्र हसन रूहानी का कहना है कि अमेरिका को ईरान पर पाबंदियां आयद करने से कुछ भी हासिल नहीं होगा. अमेरीका चाहता था कि ईरानी ज़्यादा से ज़्यादा दबाव डालकर तेहरान को मज़ाकरात की मेज़ पर ले आए लेकिन यह कभी भी मुमकिन नहीं है.

पाबंदियां हटाए अमेरीका, तभी मुमकिन है बात-चीत: हसन रूहानी
फाइल फोटो...

तेहरान: ईरान और अमेरिका के दरमियान कशीदगी कम होने का नाम नहीं ले रही है हालांकि पहले से यह काफी कम हो गई है, नहीं तो दोनों मुमालिक के दरमियान जंग की हालत पैदा हो गई थी. इसकी वजह अमेरिका की ईरान पर सख्ती नज़र आ रही है. अमेरीकी सद्र डोनल्ड ट्रंम ने 2018 में ईरान के साथ जौहरी करार दाद को ख़त्म करने का ऐलान लिया और इस साल ईरान की क़ुद्स ब्रिगेड के कमान्डर जनरल क़ासिम सुलैमानी की मार दिया, जिसके बाद से ही दोना मुमालिक में से कोई भी झुकने का नाम नहीं ले रहा है. 

ईरान के सद्र हसन रूहानी का कहना है कि अमेरिका को ईरान पर पाबंदियां आयद करने से कुछ भी हासिल नहीं होगा. अमेरीका चाहता था कि ईरानी ज़्यादा से ज़्यादा दबाव डालकर तेहरान को मज़ाकरात की मेज़ पर ले आए लेकिन यह कभी भी मुमकिन नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि हम अमेरीकी दबाव के सामने नहीं झुकेंगे. मजबूरी में हम अमेरीका के साथ बातचीत शुरू नहीं करेंगे, हालांकि अमेरीका की सख्त पाबंदियों से ईरान की मुईशत की हालत जर-जह हो गई है. उसके बाद भई ईरान का कहना है कि जब तक अमेरीका 2015 के जौहरी समझौते को बहाल नहीं करता है और इक्तेसादी पाबंदियां नहीं हटाता है तब तक कोई बातचीत शुरू नहीं होगी.