अरुण जेटली ने सिडनी में किया ‘मेक इन इंडिया’ सम्मेलन का उद्घाटन

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज सिडनी में ‘मेक इन इंडिया’ सम्मेलन का उद्घाटन किया और ऑस्टेलियाई उद्योगों से भारत की विकास गाथा का हिस्सा बनने का आह्वान किया। दो दिन के लिए सिडनी आए जेटली ने कहा कि भारत आज विश्व का (ध्यान खींचने वाला) एक प्रमुख केंद्र बन गया है और ‘मेक इन इंडिया’ पर सरकार का विशेष फोकस है।

अरुण जेटली ने सिडनी में किया ‘मेक इन इंडिया’ सम्मेलन का उद्घाटन

मेलबर्न: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज सिडनी में ‘मेक इन इंडिया’ सम्मेलन का उद्घाटन किया और ऑस्टेलियाई उद्योगों से भारत की विकास गाथा का हिस्सा बनने का आह्वान किया। दो दिन के लिए सिडनी आए जेटली ने कहा कि भारत आज विश्व का (ध्यान खींचने वाला) एक प्रमुख केंद्र बन गया है और ‘मेक इन इंडिया’ पर सरकार का विशेष फोकस है।

जेटली ने कहा, ‘भारत बेहद कम कीमत वाला सेवा प्रदाता बन सकता है लेकिन वह खुद को कम लागत वाले निर्माण केंद्र के रूप में ढालने में विफल रहा है।’ उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने का अवसर अब मिल गया है। उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार को लगता है कि निर्माण क्षेत्र को विकसित होने की जरूरत है।’ मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र को छोड़कर जा रहे लोगों को देखते हुए आज यह जरूरी है कि भारत की जीडीपी में निर्माण क्षेत्र 25% योगदान का लक्ष्य हासिल करे। जेटली ने कहा कि अब समय आ गया है, जब ‘मेक इन इंडिया’ अभियान वास्तविक गतिविधियों को अंजाम दे सकता है।

वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि भारत को ‘मेक इन इंडिया’ अभिया पेश कर अपने-आप को विनिर्माण केंद्र में तब्दील करने का दूसरा मौका मिला है। जेटली ने कहा कि वैश्विक नरमी के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन अच्छा है और यदि वैश्विक परिस्थितियां और मददगार होती हैं तो भारत का प्रदर्शन बेहतर होगा।

उन्होंने कहा, ‘वैश्विक निवेशकों को भारत में निवेश के संबंध में ज्यादा गंभीरता से विचार करना चाहिए। भारत ने आर्थिक सुधार के संबंध में बहुत जागरूकता दिखाई है।’ उन्होंने कहा, ‘भारत में जो लागे आज आर्थिक सुधार का समर्थन करते हैं उनकी तादाद ऐसे लोगों को काफी अधिक जो इसमें बाधा पैदा करते हैं।’ जेटली ने भारत में बाजार के आकार का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, एक बाजार जहां विश्व की कुल आबादी का छठा हिस्सा रहता है जिसमें से 35-40% मध्यम वर्ग है। इसकी क्रय शक्ति दिन-ब-दिन बढ़ रही है। इतना बड़ा बाजार आपको कहां मिलेगा।’ इसके अलावा भारतीय संघवाद अब सहयोगी से प्रतिस्पर्धी में तब्दील हो रहा है। मंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि भारतीय कर प्रणाली को भी धीरे-धीरे वैश्विक मानकों के अनुरूप लाया जा रहा है।

इस मौके पर आस्ट्रेलिया के पूर्व व्यापार मंत्री एंड्रयू रॉब ने कहा कि आस्ट्रेलिया के पास विशेषज्ञता के लिहाज से भारत को पेशकश करने के लिए काफी कुछ है। रॉब ने कहा, ‘एक देश के तौर पर हमारे यहां 80% सेवा क्षेत्र है। हम पर्यावरण, बिजली, डिजाईन, उर्जा, परिवहन और अन्य सेवाएं हैं।’ भारत के उच्चायुक्त नवदीप सूरी ने कहा कि दोनों पक्ष में मजबूत रणनीतिक संबंध है।

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