दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम बनी आयुष्मान भारत योजना, 2.2 करोड़ लोगों को E-Card जारी

इस योजना को 25 सितंबर 2018 को पूरे देश में लागू किया गया.

दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम बनी आयुष्मान भारत योजना, 2.2 करोड़ लोगों को E-Card जारी
इस योजना के तहत 60 प्रतिशत खर्च केंद्र और बाकी संबंधित राज्य सरकारें करती हैं. (फाइल)

नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) पांच माह से कुछ ही अधिक समय में दुनिया की सबसे बड़ी मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनने की ओर बढ़ चली है. उन्होंने ट्विटर पर एक टिप्पणी में कहा, ‘शुरू होने के बाद पांच माह के कुछ ही अधिक समय में #आयुष्मान भारत #PMJAY दुनिया की सबसे बड़ी मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बनने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है. 2.2 करोड़ लोगों को ई-कार्ड जारी किए जा चुके हैं और 14 लाख से अधिक लोगों का इलाज हो चुका है.’यह दुनिया में सबसे बड़ी सरकारी स्वास्य सुरक्षा योजना के रूप में पेश की गयी है. इसमें 60 प्रतिशत खर्च केंद्र और बाकी संबंधित राज्य सरकारें वहन करती हैं.

एक अन्य ट्वीट में वित्त मंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 9.23 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया गया है. इससे 98 प्रतिशत लोगों के लिए शौचालय की सुविधा हो गयी है जबकि 2014 में यह अनुपात 39 प्रतिशत था. उन्होंने लिखा है कि 30 राज्य और केंद्र शासित क्षेत्र खुले में शौचालय की समस्य से मुक्त हो चुके हैं. वित्त मंत्री ने यह भी टिप्पणी की है कि इस मिशन को विश्वबैंक की मदद के तहत एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कराए गए सर्वे में पाया गया है कि ग्रामीण इलकों में जिन घरों में शौचायलय की सुविधा हो गयी है उनमें 93.4 प्रतिशत परिवार उसका इस्तेमाल कर रहे हैं. स्वच्छ भारत अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्तूबर 2014 को शुरू किया था. 

 

 

ऐसे जानें आप प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना के लाभार्थी हैं या नहीं  
लाभार्थियों की सूची में अपना नाम तलाशने के लिए आपको mera.pmjay.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा. यहां मोबाइल नंबर वाले फॉर्म में अपना नंबर डालिए. नीचे वाले फॉर्म में ऊपर लिखा हुआ कैप्‍चा डालिए. अब सबसे नीचे जेनरेट ओटीपी बटन पर क्लिक करें. ओटीपी डालने के बाद एक दूसरा पेज खुलेगा जहां आपको अपना राज्‍य चुनना है. फिर नीचे आपको अपने नाम, राशन कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर या RSBY URN चुनें और उसकी डिटेल डालें. फिर सर्च बटन पर क्लिक करें. अगर आपका नाम होगा तो नीचे आ जाएगा. दूसरा तरीका है हेल्‍पलाइन नंबर का. आप प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना के लाभार्थियों की सूची में अपना नाम जानने के लिए आप 14555 हेल्‍पलाइन पर भी कॉल कर सकते हैं.

अगर सूची में नहीं है आपका नाम तो ऐसे करवाएं शामिल
अगर mera.pmjay.gov.in वेबसाइट पर आपका नाम नहीं है तो चिंतित मत होइए. इसी वेबसाइट पर SICC (सोशल इकोनॉमिक कास्ट सेंसस) का लिंक दिया गया है. इस लिंक पर जाकर आपको अपना नाम, पता, पिता का नाम और राज्य आदि जैसी जानकारी डालनी होगी. दूसरा तरीका है कि आप आयुष्‍मान मित्र की मदद लीजिए. आयुष्‍मान मित्र आपको प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना में शामिल सभी सरकारी और निजी अस्‍पतालों में मिल जाएंगे. वह सूची में नाम शामिल करवाने के मामले में आपकी मदद करेंगे.

ये हैं प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना की खासियतें
प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना के लाभार्थी देश भर के सरकारी और प्राइवेट अस्‍पतालों में इलाज करवा सकेंगे. सभी राज्‍यों के सरकारी अस्‍पताल इस योजना में शामिल होंगे. इसके अलावा प्राइवेट और ESI अस्‍पतालों में भी इलाज करवाया जा सकता है. इस योजना के लाभार्थियों को अस्‍पताल में भर्ती करवाने से लेकर इलाज में हुए खर्च का भुगतान बीमा कंपनी से करवाने तक का काम आयुष्‍मान मित्र संभालेंगे. बीमा कवर के लिए उम्र की भी बाध्यता नहीं रहेगी. किसी भी उम्र के व्‍यक्ति का इलाज इस योजना के तहत होगा. इसमें पहले से मौजूद बीमारियां (Pre-Existing Diseases) भी कवर होंगी. यह स्‍कीम पूरी तरह कैशलेश है और इसमें परिवार के सदस्‍यों की संख्‍या और उम्र की सीमा नहीं है.

ग्रामीण क्षेत्रों में इन्‍हें मिलेगा PMJAY का फायदा
ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के दायरे में उन लोगों को रखा गया है जिनके पास सिर्फ 1 कमरे वाला कच्चा मकान हो, महिला प्रधान परिवार जिसमें कोई भी व्यस्क पुरुष सदस्य न हो, दिव्यांग सदस्य जिसके परिवार में उसकी मदद करने वाला कोई सदस्य न हो, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवार, ऐसे परिवार जिनकी मुख्य कमाई का जरिया सिर्फ मजदूरी हो. इनके अलावा बेघर परिवार, कूड़े-कचरे पर गुजारा करने वाला परिवार, जनजातीय समूह और कानूनी तौर पर बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए परिवार भी इस योजना का लाभ उठाने योग्य हैं.

शहरी क्षेत्रों में इन्‍हें मिलेगा PMJAY का लाभ
शहरी क्षेत्रों में कचरा उठाने वाले, भिखारी, घरेलू मजदूरी करने वाले, गलियों में रेहड़ी लेकर सामान बेचने वाले, मोची, कंस्ट्रक्शन मजदूर, प्लंबर, पेंटर, वेल्डर, सिक्योरिटी गार्ड, कूली, स्वीपर, सफाई कर्मचारी, माली, दर्जी, ट्रांसपोर्ट मजदूर, ड्राइवर, कंडक्टर, रिक्शा चलाने वाले, चपरासी, डिलिवरी एसिस्टेंट, इलेक्ट्रिशियन, रिपेयर वर्कर, धोबी या चौकीदार आदि तमाम तरह के लोगों को इस योजना में शामिल किया गया है.