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करोड़ों क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए बुरी खबर, आज से बदल गया यह नियम

Credit Card Cashback On Fuel : अगर आप किसी भी बैंक का क्रेडिट कार्ड (Credit Card) यूज करते हैं तो यह आज से एक बड़ा बदलाव हो गया है. इसका असर सभी बैंकों के करोड़ों क्रेडिट कार्ड धारकों पर पड़ेगा.

करोड़ों क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए बुरी खबर, आज से बदल गया यह नियम

नई दिल्ली : अगर आप किसी भी बैंक का क्रेडिट कार्ड (Credit Card) यूज करते हैं तो यह आज से एक बड़ा बदलाव हो गया है. इसका असर सभी बैंकों के करोड़ों क्रेडिट कार्ड धारकों पर पड़ेगा. 1 अक्टूबर से पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) का भुगतान क्रेडिट कार्ड (Credit Card Payment) से करने पर मिलने वाली छूट नहीं मिलेगी. 1 अक्टूबर 2019 से तेल कंपनियों की तरफ से क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर मिलने वाली छूट बंद कर दी गई है. आपको बता दें ढाई साल पहले पेट्रोल पंप पर डिजिटल मोड से पेमेंट करने पर ग्राहकों को 0.75 प्रतिशत का कैशबैक देने की सुविधा शुरू की गई थी.

बैकों ने भेजा यह मैसेज
कैशबैक सुविधा नोटबंदी के बाद डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से शुरू की गई थी. एसबीआई (SBI) और एचडीएफसी समेत कई बैंकों की तरफ से अपने क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को भेजे गए टेक्सट मैसेज में बताया गया कि क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर मिलने वाला 0.75 प्रतिशत कैशबैक की सुविधा 1 अक्टूबर से नहीं मिलेगी. मैसेज में यह भी बताया गया है कि यह बदलाव पब्लिक सेक्टर की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की सलाह पर किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि सभी बैंकों की तरफ से यह सुविधा बंद कर दी गई है.

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ई-वॉलेट से भुगतान पर मिलेगी सुविधा
नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन जैसी तेल कंपनियों से 0.75 प्रतिशत कैशबैक देने के लिए कहा था. यह डिस्काउंट क्रेडिट/ डेबिट कार्ड यूजर्स के साथ ही ई-वॉलेट से भुगतान करने वाले ग्राहकों को भी दिया जाता था. 1 अक्टूबर से किए गए बदलाव के बाद डेबिट कार्ड या ई-वॉलेट से भुगतान पर यह सुविधा मिलती रहेगी.

आपको बता दें तेल कंपनियों ने क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर मिलने वाले डिस्काउंट को बंद करने का निर्णय लिया है. गौरतलब है कि तीनों तेल कंपनियों ने साल 2017-18 में ई-पेमेंट डिस्काउंट और एमडीआर के रूप में 1431 करोड़ रुपये का भुगतान किया था. वहीं 2018-19 में तेल कंपनियों ने 2000 करोड़ रुपये का भुगतान किया है.