Exclusive : प्रफुल्ल पटेल के बाद अब DHFL से सामने आए इकबाल मिर्ची से संबंध!

एचडीआईएल (HDIL) के बाद अब इसी परिवार की एक और कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल के बाद अब DHFL के इकबाल मिर्ची से संबंध की खबर आ रही है.

Exclusive : प्रफुल्ल पटेल के बाद अब DHFL से सामने आए इकबाल मिर्ची से संबंध!

नई दिल्ली : एचडीआईएल (HDIL) के बाद अब इसी परिवार की एक और कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल के बाद अब DHFL के इकबाल मिर्ची से संबंध की खबर आ रही है. आपको बता दें पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक (PMC Bank) घोटाले के मामले में एचडीआईएल (HDIL) कंपनी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं लेकिन अब HDIL के बाद इसी परिवार की एक और कंपनी DHFL को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है.

पूर्व में HDIL और DHFL थी एक ही कंपनी
आपको बता दें कि HDIL और DHFL दोनों कंपनियों के मालिक सगे रिश्तेदार हैं. राकेश वाधवान की कंपनी HDIL, पीएमसी बैंक घोटाले मामले में आरोपी है तो सूत्रों का कहना है कि राकेश वाधवान के सगे भाई के बेटे कपिल वाधवान और धीरज बाबा दीवान की कंपनी DHFL (Dewan Housing & Finance Ltd) के तार इकबाल मिर्ची से जुड़े होने की जानकारी सामने आ रही है. किसी जमाने में HDIL और DHFL दोनों एक ही कंपनियां हुआ करती थी.

मुंबई और बंगलुरु में मिलकर 11 जगहों पर रेड की
सूत्रों की मानें तो अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बेहद करीबी माने जाने वाले इकबाल मिर्ची से जुड़े मामले की जांच में जुटी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की तफ्तीश में एक बड़ा खुलासा हुआ है. ED जब 1984 से 1999 के दरम्यान मिर्ची के खिलाफ दर्ज आठ केस में मनी लॉन्ड्रिंग की पड़ताल कर रही थी उसमें ये सनसनीखेज खुलासा हुआ. जी मीडिया के पास ईडी के वो दस्तावेज हैं जिनसे पता चलता है कि ईडी ने मुंबई और बंगलुरु में मिलकर 11 जगहों पर रेड की है. जिसमें कई दस्तावेजी सबूत, डिजिटल सबूत और ई-मेल कंटेंट की बरामदगी हुई है. साथ ही DHFL का लिंक सामने आया है.

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मिर्ची के पास कुल 170 करोड़ रुपये गए
ED के जांच के दस्तावेजों के अनुसार 1986 में मिर्ची ने मुंबई के यूपीमार्केट वरली इलाके में तीन बिल्डिंग सीव्यू, मरियम लॉज और रबिया मेन्सन को कुल 6.5 लाख रुपये में खरीदा. बाद में साल 2010 में मिर्ची की फ्रंट कंपनी ने ये तीनों बिल्डिंग 220 करोड़ रुपये में सबलिंक कंपनी को बेच दी और उससे आए पैसे में से 30 करोड़ ब्रोकर रंजीत सिंह बिंद्रा को गए. जबकि बाकी को कुछ हिस्से बांटकर मिर्ची के पास गए 170 करोड़. इससे मिर्ची ने दुबई में एक फाइव स्टार होटल खरीदा.

जिस सबलिंक कंपनी का नाम सामने आया है वो DHFL से जुड़ी हुई है. सूत्रों के अनुसार उसी साल यानी 2010 में डीएचएफएल ने सबलिंक को 20 करोड़ से ज्यादा रकम दी और पिछले 9 साल में 2000 करोड़ की रकम दे चुकी है. लेकिन डीएचएफएल सबलिंक का रिश्ता सिर्फ रकम देने तक नहीं है. सबलिंक के डायरेक्टर मेहुल अनिल बावीशी, डीएचएफएल के बेहद करीबी बालविंदर सिंह सारप सिंह मल्होत्रा के साथ एक दूसरी संदेहास्पद कंपनी व्हाइट लायन रियल एस्टेट डेवलपर्स समेत कुछ अन्य में एक साथ डायरेक्टर और पार्टनर हैं.

इसी व्हाइट लायन रियल एस्टेट डेवलपर्स को एक्सटोरशन से बचाने के लिए डीएचएफएल ने 15 करोड़ से ज्यादा की रकम एक आरोपी को करीब दो साल पहले चुकाई थी और उस मामले की जांच सीबीआई अलग से कर रही है. DHFL से जुड़े 14 ठिकानों पर ED ने शनिवार को रेड की और उसके बाद वहां से मिले डाक्यूमेंट्स और मिर्ची से जुड़े केस के मामले में अरेस्ट हुए एक ट्रस्ट के मुखिया हारून युसूफ और प्रॉपर्टी एजेंट रंजीत सिंह बिंद्रा की पूछताछ और 18 लोगों के स्टेटमेंट लेने के बाद ईडी को इशारा मिलता है कि कुछ शेल कंपनियों और पैसे के लेनदेन के जरिये मिर्ची और डीएचएफएल के तार जुड़े हुए हो सकते हैं और उसी एंगल की जांच ED कर रही है.

 

ED के सूत्रों के अनुसार जांच के प्रमुख पहलू

- क्या प्रॉपर्टी डील से जुड़ी कुछ रकम कैश में दी गई.
- उसको मिर्ची तक दुबई में पहुंचाने में किन हवाला चैनल का इस्तेमाल हुआ.
- DHFL से सीधा जुड़ी या शेल कंपनी का मिर्ची के व्हाइट कलर बिजनेस से क्या संबंध था.
- DHFL यानी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है. इसके प्रमुख कपिल वधावन हैं. इसकी कई अलग-अलग मामलो में सरकारी एजेंसियां जांच कर रही हैं. इसका लगभग लगभग दिवाला निकल चुका है. कंपनी के शेयर की कीमत पिछले डेढ़ साल में 650 रुपये से गिरकर 20 रुपये के आसपास पहुंच चुकी है. अब अगर ED की जांच में और ज्यादा तेजी और सबूत आये तो लगता है कि फिर परिवार एक साथ आ सकता है. मगर इस बार बाहर नहीं, बल्कि अंदर.

इस मामले में जी मीडिया को DHFL ने जो प्रतिक्रिया दी है उसका निचोड़ ये है "हाल की NBFC क्राइसिस ने डीएचएफएल के बिजनेस व ऑपरेशन पर असर डाला है. हम बैंक से जुड़े मामलों को सुलझाने की कोशिश में लगे हुए हैं. उस सबके के बीच इस तरह की कंट्रोवर्सी का होना दुर्भाग्यपूर्ण है. हाल के गलत आरोप और बयान वाली मीडिया रिपोर्ट्स से DHFL प्रमोटर्स का परिवार आहात और व्याकुल हुआ है. हमने जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया है और आगे भी अपने आपको निर्दोष साबित करने के लिए करते रहेंगे. हमारा काम कानूनी और जायज रहा है.