दिल्ली में जल्द खुलेंगे 3000 कार चार्जिंग स्टेशन, BSES पावर के साथ हुआ करार

वर्तमान में इस स्टार्टअप की उपस्थिति दस राज्यों के 16 शहरों में है.

दिल्ली में जल्द खुलेंगे 3000 कार चार्जिंग स्टेशन, BSES पावर के साथ हुआ करार
आने वाले दिनों में पूरे देश में 20000 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन खोलने की योजना है. (फाइल)

नई दिल्ली: बिजली चालित वाहनों को चार्ज करने के लिए ढांचा प्रदान करने वाली ईवीआई टेक्नोलॉजीज अगले डेढ़ साल में देशभर में 20,000 से अधिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित कंपनी ने दिल्ली में 3,000 चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड के साथ करार किया है.

ईवीआई टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हमारा लक्ष्य अगले डेढ़ साल में 20,000 ईवी चार्जर का नेटवर्क विकसित करने का है...” निवेश के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “यह करीब 100 करोड़ रुपये का होगा. हम कुछ वित्तीय साझीदारों से बात कर रहे हैं, जो लीजिंग मॉडल के लिए धन उपलब्ध करा रहे हैं. हम पहले उनमें से कुछ से बात कर रहे हैं.” वर्तमान में इस स्टार्टअप की उपस्थिति दस राज्यों के 16 शहरों में है.

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इससे पहले देशभर में ई-वाहनों (E-Vehicle) के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए सरकार ने कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं. दिशा निर्देशों में एक बात का साफतौर पर उल्लेख है कि ऐसे चार्जिंग स्टेशन हर 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किए जाने हैं. केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सरकार को उम्मीद है कि 2030 तक सड़क पर चलने वाले कुल वाहनों में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी ई-वाहनों की होगी. ऐसे में देशभर में ई-वाहनों की चार्जिंग के लिए बुनियादी ढांचा खड़े किए जाने की जरूरत है.

कहा गया है कि लंबी दूरी तक जाने में सक्षम या भारी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए राजमार्गों के दोनों तरफ प्रत्येक 100 किलोमीटर पर कम से कम एक ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन बनाया जाना चाहिए. सरकार ने आवासीय क्षेत्रों में भी चार्जिंग स्टेशन बनाने की वकालत की है. साथ ही सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों को सड़क या राजमार्ग के दोनों तरफ हर 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित करने की सिफारिश की है.