close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

वित्तमंत्री के हालिया फैसले से इंडस्ट्री पॉजिटिव, दूसरी छमाही में दिखेगा असर

वित्तमंत्री द्वारा उठाये गए कदम से उद्योग जगत खुश है. बैंकों में कैश फ्लो बढ़ने से कर्ज सस्ता होगा और मांग में तेजी आएगी.

वित्तमंत्री के हालिया फैसले से इंडस्ट्री पॉजिटिव, दूसरी छमाही में दिखेगा असर
बैंकों को 70000 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: बीते हफ्ते शुक्रवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सुधार की दिशा में कई ऐलान किए. बाजार ने इन सुधारों पर खुशी जताई. सोमवार को शेयर बाजार में लगभग तीन महीने का सर्वाधिक उछाल दर्ज किया गया. इंडस्ट्री ने भी सरकार के इस प्रयास की सराहना की है. ज़ी न्यूज़ के रिपोर्टर अनुराग शाह ने ICICI लोम्बार्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO भार्गव दास गुप्ता से बातचीत की. उन्होंने सरकार के हालिया फैसले पर खुशी जताई और कहा कि उम्मीद करते हैं कि दूसरी छमाही में स्थिति बेहतर होगी.

भार्गव दास गुप्ता ने कहा, दूसरीह छमाही में ऑटो सेक्टर की हालत में सुधार होगा. सरकार द्वारा उठाये गए कदम की वजह से बिक्री बढ़ने की संभावना है. पिछले कुछ महीनों में बिक्री में जबरदस्त गिरावट आई है, डीलर्स के पास स्टॉक ज्यादा हो गया है जिसकी वजह से उनपर दबाव बढ़ा है. लेकिन, अगली छमाही में हालात बेहतर होने की संभावना है. ऑटो सेक्टर की मंदी को लेकर उन्होंने कहा कि लिक्विडिटी भी एक बड़ी समस्या थी. लेकिन, बैंकों को अब 70 हजार करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे. इससे स्थिति में सुधार होगा. वित्तमंत्री ने यह घोषणा करते हुए कहा था कि इस मदद से बैंक 5 लाख करोड़ तक लोन बांटने में सक्षम हो पाएंगे. आगे वे कहते हैं, लॉन्ग टर्म इंश्योरंस से कंपनियों को फायदा हुआ है. बिना इंश्योरेंस की गाड़ी में लगातार गिरावट आ रही है साथ ही हाल में ही मोटर व्हीकल एक्ट में किए बदलाव से सभी को फायदा होगा.

सरकार की दूसरी महत्वपूर्ण योजना आयुष्मान भारत को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य, ट्रस्ट मॉडल से इंश्योरंस कंपनियों में शिफ्ट हो रहे हैं. इसका बहुत बड़ा फायदा होगा. इसके अलावा नए हेल्थ इंश्योरेंस गाइडलाइंस इस सेक्टर के लिए गेमचेंचर होगी. ICICI लोम्बार्ड को लेकर उन्होंने कहा कि हमने हेल्थ इंश्योरेंस में OPD इंश्योरंस को लॉन्च किया है. इसमें, हॉस्पिटल को छोड़ कर अन्य खर्च भी शामिल होंगे.