सरकार ने बताया, ऐसे लोगों को नहीं मिलेगा पीएम किसान योजना का फायदा

आयकर देने वाले परिवारों, सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों, मौजूदा या पूर्व सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को बजट में घोषित छोटे और सीमांत किसानों के लिए 6,000 रुपये की आय समर्थन योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

सरकार ने बताया, ऐसे लोगों को नहीं मिलेगा पीएम किसान योजना का फायदा

नई दिल्ली : आयकर देने वाले परिवारों, सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों, मौजूदा या पूर्व सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को बजट में घोषित छोटे और सीमांत किसानों के लिए 6,000 रुपये की आय समर्थन योजना का लाभ नहीं मिलेगा. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 2019-20 के अंतरिम बजट में छोटे और सीमांत किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम- किसान) योजना की घोषणा की है. इस योजना का लाभ दो हेक्टेयर जमीन रखने वाले किसानों को मिलेगा. योजना के तहत 6 हजार रुपये छोटे किसानों के खातों में तीन किस्तों में डाले जाएंगे. योजना से 12 करोड़ किसान को फायदा होने की उम्मीद है.

सरकार ने योजना के दिशा-निर्देश जारी किए
सरकार ने योजना के दिशा-निर्देशों के बारे में बताया कि पेशेवर निकायों के पास पंजीकृत चिकित्सकों, इंजीनियरों, वकीलों, चार्टर्ड अकाउंटेंट व वास्तुकारों और उनके परिवार के लोग भी इस योजना का लाभ उठाने के पात्र नहीं होंगे. दिशा-निर्देशों में छोटे और सीमांत किसानों को ऐसे किसान परिवार के रूप में परिभाषित किया गया है जिनमें पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों के पास संबंधित राज्य या संघ शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार सामूहिक रूप से खेती योग्य भूमि दो हेक्टेयर या इससे कम है.

पहली किश्त 31 मार्च से पहले जारी होगी
दिशानिर्देश में यह भी बताया गया है कि भूमि सीमा को पूरा करने के बावजूद कुछ श्रेणी के लोग इस नकदी समर्थन के पात्र नहीं होंगे. इस योजना के तहत सरकार पहली किश्त 31 मार्च से पहले जारी करेगी. पहली किश्त प्राप्त करने के लिए आधार नंबर जरूरी नहीं है, लेकिन दूसरी किश्त से यह अनिवार्य होगा. संस्थागत भूमि मालिकों को भी लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं किया गया है.

यदि किसी किसान परिवार के एक या अधिक सदस्य निम्न श्रेणियों, किसी संस्थागत पद पर पूर्व में या वर्तमान में कार्यरत, मौजूदा या पूर्व मंत्री, राज्य मंत्री, लोकसभा-राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद के पूर्व या मौजूदा सदस्य, नगर निगमों के पूर्व या मौजूदा मेयर और जिला पंचायतों के मौजूदा या पूर्व चेयरपर्सन में आते हैं तो उनको भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.

इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के मौजूदा या सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अलावा स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारियों को भी इस योजना का फायदा नहीं मिल सकेगा. ऐसे सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी या पेंशनभोगी जिनकी मासिक पेंशन 10 हजार या या इससे ज्यादा है. ऐसे लोगों को भी इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा. इसमें भी मल्टी टास्किंग कर्मचारी- ग्रुप डी के कर्मचारी शामिल नहीं हैं. हालांकि, इस योजना का लाभ उन सभी लोगों को नहीं मिलेगा जिन्होंने पिछले आकलन वर्ष में आयकर दिया है.