close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

हर PF अकाउंट होल्डर को मिलते हैं ये 5 फायदे, सभी को नहीं होती जानकारी

अगर आप भी नौकरीपेशा है तो लाजिमी है कि आपका पीएफ अकाउंट भी होगा. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) बचत का एक अच्छा स्रोत माना जाता है. केंद्रीय न्यासी बोर्ड की तरफ से प्रत्येक वित्त वर्ष के लिए पीएफ अकाउंट पर ब्याज दर तय की जाती है.

हर PF अकाउंट होल्डर को मिलते हैं ये 5 फायदे, सभी को नहीं होती जानकारी

नई दिल्ली : अगर आप भी नौकरीपेशा है तो लाजिमी है कि आपका पीएफ अकाउंट भी होगा. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) बचत का एक अच्छा स्रोत माना जाता है. केंद्रीय न्यासी बोर्ड की तरफ से प्रत्येक वित्त वर्ष के लिए पीएफ अकाउंट पर ब्याज दर तय की जाती है. लेकिन इस ब्याज के अलावा भी पीएफ अकाउंट होल्डर्स को कई फायदे सरकार की तरफ से दिए जाते हैं. पीएफ अकाउंट पर मिलने वाले इन फायदों के बारे में सभी को जानकारी नहीं होती, लेकिन यहां मिलने वाले फायदों के बारे में आपका जानना जरूरी है. आगे पढ़िए पीएफ अकाउंट पर मिलने वाले फायदों के बारे में.

6 लाख तक का इंश्योरेंस
पीएफ अकाउंट पर बाय डिफाल्ट बीमा मिलता है. EDLI (एंप्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस) योजना के तहत पीएफ खाते पर 6 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस दिया जाता है. इस योजना के तहत खाताधारक को भुगतान किया जाता है. इसका फायदा किसी बीमारी या एक्सीडेंट या मौत के समय लिया जा सकता है.

रिटायरमेंट के बाद पेंशन
यदि आपके पीएफ खाते में लगातार पैसे जमा होते रहते हैं तो आप एंप्लॉई पेंशन स्कीम के लिए एलिजेबल हो जाते हैं. इस नियम के तहत जो कर्मचारी 10 साल तक नौकरी करता है और उसका लगातार पीएफ जमा हो रहा है तो उसे एंप्लॉई पेंशन स्कीम 1995 के तहत रिटायरमेंट के बाद एक हजार रुपए पेंशन की पेंशन मिलती है. कर्मचारी संगठनों की तरफ से पेंशन की राशि को बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने की मांग की जा रही है.

निष्क्रिय खातों पर भी ब्याज
ईपीएफओ की तरफ से पिछले साल निष्क्रिय पड़े खातों पर भी ब्याज देने का फैसला किया गया था. ऐसा पहले नहीं था. इस नियम के बाद ऐसे पीएफ खातों पर भी ब्याज मिलेगा जो 3 साल से ज्यादा समय तक निष्क्रिय पड़े हों. दरअसल, 3 साल तक जिन खातों में कोई ट्रांजेक्शन नहीं होता उन्हें निष्क्रिय खातों में माना जाता है. लेकिन अब ऐसे खातों पर भी ब्याज मिलता है. सबसे बेहतर प्रैक्टिस यह है कि नौकरी बदलने के साथ ही आपको अपना पीएफ अकाउंट ट्रांसफर करा लेना चाहिए. इससे आपको नियमित तौर पर ब्याज मिलता और आपकी राशि आपकी नजरों में रहती है. पांच साल से ज्यादा समय तक खाते के निष्क्रिय रहने पर पैसा निकालते समय इस पर टैक्स देना होता है.

खुद ट्रांसफर होगा पीएफ खाता
नौकरी बदलने पर पीएफ का पैसा ट्रांसफर कराना आसान हो गया है. आधार से लिंक आपके यूएएन (यूनीक नंबर) नंबर के जरिए आप अपने एक से अधिक पीएफ खातों (नौकरी बदलने की स्थिति में) को एक ही जगह रख सकते हैं. नई नौकरी ज्वॉइन करने पर ईपीएफ के पैसे को क्लेम करने के लिए फॉर्म-13 भरने की जरूरत नहीं होगी. ईपीएफो ने हाल ही में एक नया फॉर्म-11 जारी किया है, जिससे आपका पिछला खाता नए खाते में खुद ही ट्रांसफर हो जाएगा.

इन स्थितियों में निकाल सकते हैं पैसा
अक्सर लोग नौकरी बदलते समय पीएफ खाते से पैसा निकाल लेते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को लगता है कि चालू खाते से पैसा नहीं निकाला जा सकता है. ऐसा नहीं है, आप कुछ स्थितियों में अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं. हालांकि, इस दौरान आप एक निश्चित रकम ही निकाल सकते हैं. मकान खरीदने या बनाने के लिए, होमलोन के रीपेमेंट के लिए, बीमारी में, बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए, लड़की की शादी के लिए. हालांकि, इन फायदों का लाभ उठाने के लिए खाताधारकों को एक निश्चित समय तक ईपीएफओ का सदस्य होना जरूरी है.