घर खरीदारों को मोदी सरकार का तोहफा, एक साल और उठाएं इस स्कीम का फायदा
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घर खरीदारों को मोदी सरकार का तोहफा, एक साल और उठाएं इस स्कीम का फायदा

सरकार ने प्रधानमंत्री जन आवास योजना के तहत मिलने वाली क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना को भी एक साल के लिए बढ़ाया है.

अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स को भी 12% GST स्लैब से घटाने की तैयारी की जा रही है.

नई दिल्ली: अगर आप घर खरीदना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की है. सरकार आपको कई तरह की राहत देने के मूड में है. सरकार ने जहा क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम को एक साल के लिए बढ़ाया वहीं अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स को भी 12% GST स्लैब से घटाने की तैयारी कर रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में इसे दोहराया.

होने वाली GST काउंसिल की मीटिंग में घर खरीदारों को बड़ी राहत मिल सकती है. सरकार चाहती है कि अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को GST की 12% स्लैब से घटाकर 5 % की स्लैब में रखा जाए. हालांकि, सरकार रेस्टोरेंट की तरह ही अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट पर इनपुट टैक्स क्रेडिट बंद कर सकती है, क्योंकि इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा बिल्डर्स ग्राहकों को नही दे रहे. 

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इसके साथ-साथ सरकार ने प्रधानमंत्री जन आवास योजना के तहत मिलने वाली क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना को भी एक साल के लिए बढाया है. साल 2016 में लांच की गई प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की डेडलाइन को मार्च 2019 रखा गया था. इसके तहत सरकार एक निश्चित इनकम ग्रुप में आने वाले परिवारों को होमलोन पर सब्सिडी दे रही है. अभी सरकार अलग-अलग इनकम ग्रुप के हिसाब से 2.67 लाख रुपये तक की सब्सिडी देती है. आने वाले GST काउंसिल की मीटिंग में सीमेंट पर GST की दरें भी घटाई जा सकती हैं.

हालांकि, बिल्डर्स ये भी चाहते है कि बड़े शहरों में जमीन की कीमत प्रोजेक्ट के 50% तक तय हो. अभी पूरे देश भर में घर की लागत में 33% जमीन की कीमत मानी जाती है. जमीन को GST के दायरे से बाहर रखा गया. मुंबई जैसे बड़े शहर में जमीन की कीमत फ्लैट की लागत के 70% तक होती है जिसकी वजह से छोटे शहरों के मुकाबले बड़े शहरों में GST का अतिरिक्त भार पड़ता है. सरकार का लक्ष्य 2022 तक सबको घर देना है. वही रियल एस्टेट सेक्टर भी मंदी की मार झेल रहे है. ऐसे में ये सभी कदम रियल एस्टेट सेक्टर में एक बार फिर जान फूंक सकते हैं.

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