जेल से रिहाई की नीरव मोदी की तीसरी कोशिश भी नाकाम, अपनाया नया पैंतरा तो जज ने लगाई फटकार

पीएनबी घोटाले का आरोपी और भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी ब्रिटेन की जेल से रिहाई के लिए नए-नए पैतरे अपना रहा है. लेकिन इस सबके बावजूद भी वह ब्रिटेन की अदालत को यह भरोसा नहीं दिला पाया कि वह जेल से रिहाई के बाद ब्रिटेन से बाहर नहीं भागेगा.

जेल से रिहाई की नीरव मोदी की तीसरी कोशिश भी नाकाम, अपनाया नया पैंतरा तो जज ने लगाई फटकार

लंदन : पीएनबी घोटाले का आरोपी और भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी ब्रिटेन की जेल से रिहाई के लिए नए-नए पैतरे अपना रहा है. लेकिन इस सबके बावजूद भी वह ब्रिटेन की अदालत को यह भरोसा नहीं दिला पाया कि वह जेल से रिहाई के बाद ब्रिटेन से बाहर नहीं भागेगा. अदालत ने नीरव मोदी की जमानत याचिका को तीसरी बार खारिज कर दिया. हालांकि, मोदी को जमानत दिलाने के लिए उसके वकीलों ने जमानत राशि को बढ़ाकर दोगुना यानी 20 लाख पाउंड करने की पेशकश की. साथ ही वकीलों ने यह भी दलील दी कि उनका मुवक्किल लंदन स्थित अपने फ्लैट में 24 घंटे नजरबंदी में रहने के लिए तैयार है.

बैंक धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग मामले का आरोपी
दरअसल हीरा कारोबारी मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ दो अरब डॉलर तक की बैंक धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग मामले का आरोपी है. हल्के नीले रंग की कमीज और पैंट पहने 48 वर्षीय मोदी वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत की मुख्य मजिस्ट्रेट एम्मा आर्बुथनॉट के समक्ष पेश हुआ. लंबी सुनवाई के दौरान बैरिस्टर क्लेयर मोंटगोमेरी ने न्यायाधीश से कहा कि वैंड्सवर्थ जेल मे स्थितियां रहने योग्य नहीं हैं. मोदी किसी भी शर्त को मानने को तैयार हैं जो उन पर लगायी जाएंगी.

एक समय सुनवाई के दौरान ऐसा लग रहा था कि न्यायाधीश आर्बुथनॉट मोदी को 24 घंटे नजरबंदी में रखने की शर्त पर जमानत दे देंगी. हालांकि, बाद न्यायाधीश इन दलीलों से सहमत नहीं हुईं. मजिस्ट्रेट आर्बुथनॉट ने मोदी के जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने की आशंका जताते हुए कहा, 'गवाहों को प्रभावित करने, कंप्यूटर सर्वर और मोबाइल फोन नष्ट करने और स्थानीय (ब्रिटेन के) समुदाय से संबंध के अभाव जैसी तमाम बातों पर गौर करने पर अब भी यह आशंका है कि वह (जमानत पर छूटने के बाद) अदालत के सामने हाजिर नहीं होगा.'

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