close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

World Cup 2019: धोनी के समर्थन में उतरे गांगुली, आलोचना करने वालों को दिया ये करारा जवाब

धोनी आफगानिस्तान और फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करने में जूझते दिखे जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई.

World Cup 2019: धोनी के समर्थन में उतरे गांगुली, आलोचना करने वालों को दिया ये करारा जवाब
गांगुली को धोनी की बल्लेबाजी में ज्यादा कमी नहीं दिखी. (फोटो: PTI)

मुंबई: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने विश्व कप (World Cup 2019) में धीमी बल्लेबाजी के लिए आलोचना झेल रहे महेन्द्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का समर्थन करते हुए कहा कि इस विकेटकीपर बल्लेबाज के पास सफल होने के लिए अनुभव और क्षमता दोनों है.

अपनी अगुवाई में भारत को 2011 में विश्व विजेता बनाने वाले धोनी आफगानिस्तान और फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करने में जूझते दिखे जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई.

61 गेंद में 56 रन
वेस्टइंडीज के खिलाफ गुरूवार को आखिरी ओवर में 16 रन बनाने से पहले वह संघर्ष करते दिखे. हालांकि 61 गेंद में 56 रन की उनकी पारी से मैनचेस्टर में भारत ने सात विकेट पर 268 रन का स्कोर खड़ा किया. भारत यह मैच 125 रन से जीता.

कमी नहीं दिखी
देश के लिए 113 टेस्ट और 311 एकदिवसीय खेलने वाले गांगुली को हालांकि उनकी बल्लेबाजी में ज्यादा कमी नहीं दिखी.

कभी कभार होता है
देश के सबसे सफल कप्तानों में शुमार गांगुली ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ‘‘ ऐसा कभी कभार होता है और मैं इससे ज्यादा चिंतित नहीं हूं. हां, धोनी पहले भी ऐसी स्थिति का सामना कर चुके हैं. पिछले साल भी जब वह इंग्लैंड आये थे तो स्पिन के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे.’’

पूर्व कप्तान ने कहा, ‘‘धोनी को ऐसे बल्लेबाज का साथ चाहिए जो उनके साथ तेजी से बल्लेबाजी कर सके. बल्लेबाजी क्रम में तीसरे स्थान पर विराट कोहली, चौथे पर राहुल और पांचवें स्थान पर वह होते है तो पांड्या जैसे बल्लेबाजों के साथ स्थिति आसान हो जाती है क्योंकि वे बड़े शॉट लगाते रहते है. ’’

अनुभव की कोई कमी नहीं
गांगुली ने कहा कि धोनी के पास अनुभव की कोई कमी नहीं है ऐसे में उनकी बल्लेबाजी पर शक करना सही नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘ धोनी पर कोई बयान देने से पहले मैं इंतजार करना चाहूंगा. खासकर उनके स्ट्राइक रेट पर क्योंकि उनके पास गेंद को सीमारेखा के पार भेजने की क्षमता है.’’