'मोहल्ला अस्सी' को दिखाए जाने का रास्ता साफ, हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड से 'ए' प्रमाण पत्र देने को कहा
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'मोहल्ला अस्सी' को दिखाए जाने का रास्ता साफ, हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड से 'ए' प्रमाण पत्र देने को कहा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सेंसर बोर्ड द्वारा प्रस्तावित 10 में से नौ कट को रद्द करते हुए 12 दिसंबर को उसे निर्देश दिया कि वह एक हफ्ते के भीतर फिल्म को ‘ए’ प्रमाण पत्र दे.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 30 जून 2015 को फिल्म 'मोहल्ला अस्सी' के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: सनी देओल अभिनीत बॉलीवुड की व्यंग्यात्मक फिल्म ‘मोहल्ला अस्सी’ के प्रदर्शन का रास्ता साफ हो गया है. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सेंसर बोर्ड द्वारा प्रस्तावित 10 में से नौ कट को रद्द करते हुए 12 दिसंबर को उसे निर्देश दिया कि वह एक हफ्ते के भीतर फिल्म को ‘ए’ प्रमाण पत्र दे. न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने क्रॉसवर्ड इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. कंपनी ने फिल्म प्रमाणन अपीलीय अधिकरण (एफसीएटी) द्वारा पिछले साल नवंबर में दिये गए आदेश को चुनौती दी थी. एफसीएटी ने प्रदर्शन के लिये फिल्म को प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया था.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 30 जून 2015 को फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी. अदालत ने पहली नजर में इससे धार्मिक भावनाएं आहत होने के मद्देनजर इसके प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी. क्रॉसवर्ड ने अपनी याचिका में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के 14 जून 2016 और एफसीएटी के 24 नवंबर 2016 के आदेश को चुनौती दी थी.

सीबीएफसी ने उसे फिल्म प्रदर्शित करने के लिये प्रमाण पत्र जारी करने से मना कर दिया गया था, जबकि एफसीएटी ने फिल्म में 10 कट करने को कहा था. एफसीएटी ने कहा था कि इसके बाद अधिकरण इसकी समीक्षा करेगा और मामले पर पुनर्विचार करेगा. यह फिल्म लोकप्रिय हिंदी उपन्यास ‘काशी का अस्सी’ पर आधारित है.

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