Film Review ‘इत्तेफाक’: डबल मर्डर की ऐसी मिस्ट्री, जो अंत तक बांधे रखती है

यह फिल्म 48 साल पहले आई राजेश खन्ना और नंदा की फिल्म ‘इत्तेफाक’ से अलग है. 

Film Review ‘इत्तेफाक’: डबल मर्डर की ऐसी मिस्ट्री, जो अंत तक बांधे रखती है
फिल्म ‘इत्तेफाक’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है (फिल्म पोस्टर)

नई दिल्ली: फिल्म निर्देशक अभय चोपड़ा की फिल्म ‘इत्तेफाक’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, सोनाक्षी सिन्हा और अक्षय खन्ना अहम भूमिकाओं में हैं. यह फिल्म 48 साल पहले आई राजेश खन्ना और नंदा की फिल्म ‘इत्तेफाक’ से अलग है. उस फिल्म को बीआर चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया था. अब बीआर चोपड़ा के पोते अभय चोपड़ा भी निर्देशक बन चुके हैं और उन्होंने फिल्म ‘इत्तेफाक’ के जरिए डेब्यू किया है. 

फिल्म : इत्तेफाक
फिल्म निर्देशक: अभय चोपड़ा
कलाकार: सिद्धार्थ मल्होत्रा, सोनाक्षी सिन्हा, अक्षय खन्ना

यह फिल्म भी एक थ्रिलर मर्डर मिस्ट्री है. इस फिल्म को रेड चिलिच एंटरटेनमेंट, धर्मा प्रोडक्शन और बीआर स्टूडियो ने एक साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है. फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने यूके के फेमस राइटर विक्रम सेठी की भूमिका निभाई है. वहीं, सोनाक्षी सिन्हा ने माया सिन्हा और अक्षय खन्ना ने पुलिस ऑफिसर देव वर्मा की भूमिका निभाई है. मुंबई शहर में एक रात के भीतर दो मौतें होती हैं. विक्रम सेठी की पत्नी तो दूसरी शहर के नामी वकील और माया सिन्हा के पति की. पुलिस के अनुसार इन दोनों मौतों का जिम्मेदार विक्रम है. तो वहीं विक्रम और माया एक-दूसरे को कातिल बताते हैं. इस हाई प्रोफाइल केस को सॉल्व करने का जिम्मा पुलिस ऑफिसर देव वर्मा को दिया जाता है. 

महज 3 दिन के भीतर केस को सॉल्व करने चला देव जैसे-जैसे इस डबल मर्डर मिस्ट्री के तह तक जाता है, यह केस और उलझता जाता है. सच और झूठ के इस खेल में क्या देव सच की तलाश कर पाता है. यही है फिल्म की पूरी कहानी. एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म में मजबूत कहानी के बाद फिल्म को आगे बढ़ाने का जिम्मा उसके कलाकारों के सिर होता है. सिद्धार्थ मल्होत्रा, सोनाक्षी सिन्हा और अक्षय खन्ना अपनी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाते दिखाई दिए हैं. 

तेज तरार पुलिस ऑफिसर के अंदाज में अक्षय का अभिनय शानदार है. जबकि सिद्धार्थ और सोनाक्षी ने अपने अभिनय के दम से फिल्म में सस्पेंस बनाए रखा है. अभय चोपड़ा का निर्देशन कमाल का है. डेढ़ घंटे के करीब की इस फिल्म को उन्होंने खूब थामे रखा है. फिल्म को देखकर कहीं से ये नहीं लगता है कि किसी तरह जल्दबाजी की गई है. बॉलीवुड में एक लंबे समय के बाद एक अच्छी थ्रिलर फिल्म आई है. जिसमें न केवल दमदार एक्टर्स हैं, बल्कि फिल्म की कहानी भी शानदार है और अंत तक आपको हैरान करती है. ऐसे में इस फिल्म को जरूर देखा जाना चाहिए. 

(हर्षवर्धन पाठक)

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