SPG में तैनाती को कम करने का फैसला, 200 जवानों को वापस उनके कैडर में भेजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सुरक्षा करने वाली SPG (Special Protection Group) को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं. सबसे अहम बदलाव इसमें तैनात जवानों की संख्‍या कम करने को लेकर किया गया है.

SPG में तैनाती को कम करने का फैसला,  200 जवानों को वापस उनके कैडर में भेजा
फाइल फोटो

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सुरक्षा करने वाली SPG (Special Protection Group) को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं. सबसे अहम बदलाव इसमें तैनात जवानों की संख्‍या कम करने को लेकर किया गया है. इसके तहत 200 जवानों को वापस उनके कैडर में भेज भी दिया गया है. ये फैसला बिल संशोधन के चलते लिया गया है. अब प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जितने जवानों की जरुरत है उतने ही जवानों को एसपीजी में रखा जाएगा. लिहाजा धीरे-धीरे बाकी जवानों को उनके कैडर में वापस भेजा जा रहा है. 

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दरअसल, पिछले साल दिसंबर 2019 में एसपीजी में संशोधन बिल पास किया गया था. नए बिल के मुताबिक एसपीजी केवल प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा में रहेगी. पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार को दफ्तर से रिटायर होने के बाद केवल एक साल तक एसपीजी की सुरक्षा दी जायेगी. उसके बाद अगर ऐसा इनपुट आता है कि पूर्व प्रधानमंत्री को आतंकियों या देश की बाहरी ताकतों से खतरा है तो एसपीजी सुरक्षा बरकरार रखी जाएगी, वरना हटा दी जाएगी. 

नए एसपीजी संशोधित बिल के मुताबिक प्रधानमंत्री के परिवार को भी एसपीजी सुरक्षा तभी मिलेगी जब वो प्रधानमंत्री निवास पर साथ रहेंगे. वहीं पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार को भी तभी एसपीजी सुरक्षा मिलेगी जब वो उनके साथ में रहेंगे. 

संशोधित बिल आने के बाद ही सोनिया गंधी, राहुल गांधी प्रियंका गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटा ली गयी थी और उन्‍हें केन्द्रीय सुरक्षा बल की Z+ सुरक्षा दी गई थी. एसपीजी को लेकर पहले जो नियम थे उसके मुताबिक प्रधानमंत्री और उनके परिवार के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार को 5 साल के लिये एसपीजी सुरक्षा मिलती थी. इसमें भी प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार को एक साथ रहने की जरूरत भी नहीं होती थी.

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सोनिया गांधी और उनके परिवार को राजीव गांधी की मौत के बाद से ही एसपीजी सुरक्षा मिल रही है जबकि राजीव गांधी की जब लिट्टे ने हत्या की थी तो उनके पास एसपीजी सुरक्षा नहीं थी. बाद में एसपीजी बिल में संशोधन कर के पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा का नियम जोड़ा गया था. एसपीजी में करीब 4000 लोग तैनात थे जो केन्द्रीय पुलिस बल और राज्य पुलिस के अलावा IB और RAW से भी प्रतिनियुक्ति पर आते थे, लेकिन अब इनमें से करीब 200 लोगों को वापिस उनके कैडर में भेज दिया गया है. जानकारी के मुताबिक एसपीजी में तैनाती को अब करीब 40 प्रतिशत तक कम किये जाने की तैयारी है. लिहाजा आने वाले दिनों में और भी लोगों को वापस उनके होम कैडर में भेजा जा सकता है.

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