बच्चे के हाथ में मोबाइल जाते ही डाटा हो जाता है डिलीट, उमड़ी लोगों की भीड़; जानें पूरा मामला
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बच्चे के हाथ में मोबाइल जाते ही डाटा हो जाता है डिलीट, उमड़ी लोगों की भीड़; जानें पूरा मामला

Aligarh Astitva Wired Case: शहर के फिजीशियन और न्यूरो सर्जन जिसने भी अस्तित्व की रिपोर्ट देखी और जिसके फोन का भी डाटा डिलीट हुआ सब हैरान है. ऐसा क्यों हो रहा है इसकी वजह कोई नहीं बता पा रहा है. 

बच्चे के हाथ में मोबाइल जाते ही डाटा हो जाता है डिलीट, उमड़ी लोगों की भीड़; जानें पूरा मामला

अलीगढ़: क्या किसी बच्चे में ऐसी पावर (Power) हो सकती हैं जिससे वो बिना कोई बटन दबाए आपके मोबाइल का सारा डाटा डिलीट कर दे. दूसरे शब्दों में कहें तो उसी बच्चे के हाथ लगते ही आपका स्मार्ट फोन पूरी तरह रिसेट (Reset Mobile) हो जाये. यानी फोन में मौजूद मैसेज, गैलरी और बाकी सब कुछ एक साथ डिलीट हो जाए. ये पढ़कर आपको आपको कुछ अटपटा जरूर लगा होगा. यहां आपको बता दें कि ये किसी फिल्म की स्किप्ट या कल्पना नहीं बल्कि हकीकत है. जिसे जानकर अब आप भी हैरान रह जाएंगे.

कौतूहल का विषय

अलीगढ़ के रहने वाले गौरव अग्रवाल के पुत्र अस्तित्व के साथ घट रहे इस अजब-गजब घटनाक्रम ने उसे पूरे शहर की सुर्खियों में ला दिया है. उसके घर के बाहर अक्सर लोगों की भीड़ लग जाती है. ये लोग दरअसल अपना वीडियो बनवाकर ये देखना चाह रहे हैं कि क्या वाकई ऐसा हो रहा है. हालांकि परेशान पिता ने जब बच्चे के पिता ने परेशान होकर उसके शरीर की पूरी जांच कराई तो उसके शरीर में कुछ भी एबनॉर्मल नहीं मिला.

12 मई से हुई शुरुआत?

ईटीवी भारत में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक बच्चे के माता-पिता के मुताबिक उन्हें पहली बार 12 मई को इस मामले का पता चला. दरअसल उस दिन अस्तित्व ने घर में जिस सदस्य का फोन लिया उस फोन का डाटा अचानक गायब होने लगा. पहले तो उन्होंने बच्चे को डांटा फिर डाटा गायब होने की शिकायत करने मोबाइल कंपनी के सर्विस सेंटर पर गए तो वहां ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. हालांकि मोबाइल से डाटा उड़ने की वजह नहीं पता चल सकी और यह परेशानी आगे भी आती रही. 

रक्षा बंधन पर खुलासा

गौरव ने बताया कि 22 अगस्त को अस्तित्व अपनी मां के साथ ननिहाल गया था. वहां पर भी ठीक ऐसा घटनाक्रम सामने आया तो परिवार वालों का माथा ठनका. दरअसल त्योहार के दिन उनकी पत्नी व ससुराल के बाकी लोगों के मोबाइल का डाटा उड़ गया. जिसके बाद उन्हें पता चला कि जो भी मोबाइल लेकर उनके बेटे के नजदीक पहुंचा उसमें इसी तरह की परेशानी आ रही है. पिता गौरव का कहना है कि अब अपने घर में मोबाइल फोन रखना दूभर हो गया है. गौरव ने कहा, 'मोबाइल डाटा से ज्यादा चिंता उन्हें अब अपने बेटे की सता रही है. 

फॉरेंसिक जांच का सुझाव

इस घटना की जानकारी जैसे जैसे लोगों को होने लगी, लोग अब बच्चे के पास जाने से भी कतरा रहे हैं. यहां तक की डॉक्टरों ने जब इलेक्ट्रॉनिक बीपी मशीन पर बीपी को नापने की कोशिश की तो वह भी एरर दिखाती है. तथा बीपी को नहीं बताती है. वहीं अस्तित्व का कहना है कि उसके अपने शरीर में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव महसूस नहीं होता है. बस अचानक ही मोबाइल के उसके संपर्क में आने पर उसका डाटा गायब हो जाता है. अब कुछ लोगों ने इस मामले की फॉरेंसिक जांच कराने की सलाह दी है.

परिजनों का डर बरकरार

शहर के फिजीशियन और न्यूरो सर्जन जिसने भी अस्तित्व की रिपोर्ट देखी और जिसके फोन का भी डाटा डिलीट हुआ सब हैरान है. ऐसा क्यों हो रहा है इसकी वजह कोई नहीं बता पा रहा है. हालांकि डॉक्टरों ने उसके किसी बीमारी से पीड़ित होने की पुष्टि नहीं की है फिर भी परिजनों को लगता है कि, अस्तित्व एक अजीब सी बीमारी से ग्रस्त है. इसलिए उनमें बच्चे के भविष्य को लेकर डर बना हुआ है.

 

 

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