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Vaishno Devi Ropeway Project Row: श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की रोपवे परियोजना को लेकर विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. बुधवार को कांग्रेस नेता और घोड़ा चालकों के प्रधान भूपिंदर सिंह जामवाल को उनके समर्थकों के साथ पुलिस ने हिरासत में लिया. हालांकि, दोपहर बाद उन्हें छोड़ दिया गया.
प्रभावित मजदूरों के पुनर्वास की मांग
रिहा होने के बाद जामवाल ने कहा, "हमारी मांग है कि रोपवे परियोजना से प्रभावित मजदूरों, चाहे वे घोड़े वाले हों या पालकी वाले, को उचित पुनर्वास दिया जाए. इस परियोजना से उनकी आजीविका खत्म हो रही है." उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर डिप्टी कमिश्नर और एसपी से मुलाकात कर समाधान की मांग की थी.
पुलिस कार्रवाई पर विरोध
भूपिंदर सिंह जामवाल ने आरोप लगाया कि मंगलवार से पुलिस ने युवाओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया. उन्होंने बताया, "जब हमने इसका विरोध किया, तो पुलिस ने हमें भी हिरासत में लिया और डंडों से पीटा."
पथराव के लिए माफी, लेकिन प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव पर कांग्रेस नेता ने माफी मांगी. उन्होंने कहा, "हम पुलिस और सीआरपीएफ का सम्मान करते हैं. अगर श्राइन बोर्ड ने रोपवे का काम दोबारा शुरू किया, तो हम फिर उग्र प्रदर्शन करेंगे. हम मर जाएंगे, लेकिन रोपवे नहीं लगने देंगे."
कटरा के लोगों की शांति प्रिय छवि
जामवाल ने कहा कि कटरा के लोग शांति प्रिय हैं और वैष्णो देवी के भक्तों को भगवान का रूप मानते हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया, "हम यहां 'कश्मीर' जैसी स्थिति नहीं चाहते. हमारी सोच राष्ट्रवादी है. हम भारत माता की जय करने वाले लोग हैं और देश के संविधान का सम्मान करते हैं." यह विवाद कटरा क्षेत्र के मजदूरों और स्थानीय लोगों के रोजगार पर रोपवे परियोजना के प्रभाव को लेकर है. श्राइन बोर्ड और प्रशासन को जल्द समाधान निकालना होगा ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और परियोजना सुचारू रूप से पूरी हो सके.
(एजेंसी इनपुट के साथ)