भारत दर्शन के लिए रवाना हुआ 46 कश्मीरी युवाओं का जत्था

कश्मीर घाटी के दूर-दराज इलाकों के छात्रों को एक्स्पोजर देने के लिए CRPF 9 बैच में 414 बच्चों को भारत दर्शन टूर के लिए रवाना करेगी.

भारत दर्शन के लिए रवाना हुआ 46 कश्मीरी युवाओं का जत्था

श्रीनगर: कश्मीर घाटी के दूर-दराज इलाकों के छात्रों को एक्स्पोजर देने के लिए CRPF 9 बैच में 414 बच्चों को भारत दर्शन टूर के लिए रवाना करेगी. इस कार्यक्रम के तहत बुधवार को पहला बैच रवाना किया गया. सीआरपीएफ़ की ओर से आयोजित इस प्रोग्राम से बच्चों में काफी खुशी है. वहीं सीआरपीएफ़ के आईजी ने उम्मीद जताई कि ये छात्र घूमने-फिरकर लौटने के बाद पत्थरबाजी जैसी गतिविधियों से दूर रहेंगे.

बच्चों के साथ जा रहे एक अध्यापक नजीर अहमद ने बताया कि CRPF की ओर से भारत दर्शन का आयोजन करवाया जाना एक अच्छा प्रोग्राम है. उन्होंने कहा कि इन छात्रों में से अधिकतर छात्र पहली बार घाटी से बाहर जा रहे हैं. कुछ जो ऐसे भी हैं जो पहली बार हवाई जहाज में चड़ेंगे. इससे बच्चों को अच्छा एक्सपिरियन्स और एक्सपोजर मिलेगा. वह बाकी राज्यों की संस्कृति का अनुभव कर पाएंगे जो वह आज तक केवल किताबों में ही पढ़ते थे. नजीर ने कहा कि यह टूर बच्चों के लिए काफी लाभदायक रहेगा.

वहीं एक छात्र शाह मुकदस ने बताया कि इस टूर से हुमें काफी कुछ सीखने को मिलेगा. इसका अच्छा असर हमारी ज़िंदगी और पढ़ाई पर भी पड़ेगा. मुकदस ने कहा कि हम चाहते हैं कि ऐसे टूर साल में एक बार जरूर आयोजित किए जाने चाहिए ताकि बच्चों को एक्सपोजर मिले. वह कश्मीर के बाहर की जिंदगी को समझ सकेंगे.

गौरतलब है कि इस अवसर पर CRPF के अधिकारियों और जवानों द्वारा हाल ही में एक सड़क हादसे में मारे गए CRPF के डीआईजी और उनके ड्राइवर की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन भी धारण किया. CRPF के आईजी रविदीप सिंह साही ने इस घटना को लेकर अफसोस जताया और कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था. वहीं भारत दर्शन के टूर को लेकर उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक मुख्य उद्देश्य है कश्मीर के लड़के और लड़कियों को एक अच्छा एक्सपोजर और एक्सपिरियन्स दिलवाना. साही ने कहा कि हमारा ज्यादा ध्यान ऐसे बच्चों की ओर होता है जो घाटी से बाहर जाने का खर्च बर्दाश्त नहीं कर सकते.

उन्होंने बताया कि CRPF की ओर से 414 लड़के और लड़कियों को 9 अलग-अलग बैच में भेजा जा रहा है. आज पहले बैच में 46 बच्चों सहित 4 केयरटेकर को श्रीनगर हवाई अड्डे से रवाना किया गया. आईजी ने बताया कि फरवरी के महीने तक यह प्रोग्राम जारी रहेगा और इस दौरान बच्चे चेन्नई, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, बैंगलोर का सफर तय करेंगे. 
उन्होंने कहा कि इस बार बच्चों की संख्या पिछले साल से ज़्यादा है, कयोंकि पिछली बार बच्चों ने काफी कुछ अनुभव किया था. साही ने कहा कि यह बच्चे बाहर का दौरे कर एक अच्छे अनुभव के साथ यहां वापस लौटे. उन्होंने कहा कि यह छात्र समृद्ध वापस लौटेंगे और पत्थरबाजी जैसी गतिविधियों में शामिल न होते हुए उससे दूर रहेंगे.

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