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जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर CM नीतीश ने जताया शोक, राम विलास पासवान बोले- 'उनके जैसा कोई दूसरा नहीं'

देश में क्या बड़े या छोटे तमाम नेताओं ने उनको अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते साकेत मैक्स से पंचशील पार्क का तीन किलोमीटर का रास्ता छावनी में तब्दील हो गया.

जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर CM नीतीश ने जताया शोक, राम विलास पासवान बोले- 'उनके जैसा कोई दूसरा नहीं'
मुज्जफरपुर से 4 बार सांसद रह चुके हैं जॉर्ज फर्नांडिस (फाइल फोटो)

(आशिफ अकबाल)/नई दिल्लीः भारत के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नान्डिस का 89 साल की उम्र में 29 जनवरी 2019 को निधन हो गया, जिसके बाद उनके निधन के पर पूरे देश में शोक संवेदनाओं का दौर जारी है. जॉर्ज के बारे में हम सुनते और पढ़ते आए हैं. आज उनके व्यक्तित्व का जिस तरीके से तमाम लोगों ने वर्णन किया है उससे ये बात साबित होती है कि दुनिया में जॉर्ज फर्नान्डिस जैसे लोग विरले ही जन्म लेते हैं. पंचशील पार्क में मौजूद उनके घर के आस-पास के लोगों के घर में रहने वाले लोगों को यह पता ही नहीं था कि उनके बगल में हिंदुस्तान की कौन सी अजीमुश्सान शख्सियत रहती है. 29 जनवरी को सुबह साढ़े सात बजे जैसे ही उनके देहांत की खबर आई उसके बाद पूरे देश में क्या बड़े या छोटे तमाम नेताओं ने उनको अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते साकेत मैक्स से पंचशील पार्क का तीन किलोमीटर का रास्ता छावनी में तब्दील हो गया.

वाजपेयी सरकार में रक्षामंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस का लंबी बीमारी के बाद निधन

साकेत मैक्स पंचशील पार्क का इलाका सिर्फ तीन किलोमीटर का है, लेकिन इस तीन किलोमीटर के इलाके को पूरे तरीक़े से छावनी में तब्दील कर दिया गया और तो और उनके घर के आस-पास दिल्ली पुलिस के 100 से ज्यादा जवान तैनात कर दिए गए क्योंक सुबह से ही VVIP का आना-जाना शुरू हो गया था. सबसे पहले शरद यादव पहुंचे और उसके बाद भारत के उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू पहुंचे. वहीं वैंकया नायडू के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे. वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस के अंतिम दर्शन के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, बिहार के विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी पहुंचे.

ये सिलसिला आज दूसरे दिन भी जारी रहा. 30 जनवरी को सुबह-सुबह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जॉर्ज फर्नाडिस के घर पहुंचे. उनके जाने के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा के सांसद कौशलेन्द्र कुमार, बिहार के जहानाबाद के सांसद अरुण कुमार, राज्यसभा के उपसभापति डॉक्टर हरिवंश, केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान और उनके पुत्र चिराग पासवान और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी पहुंचे. जिसके बाद यहां मौजूद राजनेताओं ने जॉर्ज फर्नांडिस के साथ अपने अनुभवों को भी साझा किया.

जॉर्ज फर्नांडिस के निधन पर PM मोदी ने जताया शोक, कहा- 'उन्होंने देश को सुरक्षित और मजबूत किया'

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा जॉर्ज फर्नांडिस को नाम नहीं बल्कि 1 आंदोलन के अगुवा के रूप में जाना जाता है, क्योंकि उनसे ज्यादा एनर्जेटिक उम्मीदवार आज तक हिन्दुस्तान में कोई नहीं हुआ. रविरविशंकर प्रसाद ने कहा आज पूरे देश को उनकी कमी खल रही है. बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जॉर्ज साहब जब बोलते थे तो मुंबई नहीं पूरा देश थम जाता था, क्योंकि उनको सुनने के लिए लोग दूर दराज से वहां पहुंचते थे. और तो और अगर दोपहर 2 बजे से सभा शुरू होती थी तो रात के 3 बजे तक चलती थी, लेकिन लोग कभी परेशान नहीं हुए, बल्कि सभा खत्म होने के बाद ही जाया करते थे.

Ram Vilas Paswan said, 'There is no other like him'

राज्यसभा के उपसभापति डॉक्टर हरिवंश ने कहा कि अपनी पूरी जिंदगी में ऐसा फाइटर ऐसा जुझारू नेता मैंने कभी नहीं देखा और उम्मीद करता हूं. अब किसी और को देखने को भी नहीं मिलेगा क्योंकि ऐसे लोग विरले ही जन्म लेते हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि उनका सादा जीवन उच्च विचार हमेशा से उन्हें प्रभावित करते आया है. इसीलिए जॉर्ज फर्नाडिस की तरह वो भी हमेशा इकनॉमिक क्लास में सफर करना बेहतर समझते हैं. उन्होंने कहा कि जॉर्ज फर्नांडिस को फालतू के खर्च पसंद नहीं थे. रक्षा मंत्री रहते हुए भी हमेशा इकनॉमी क्लास में सफर करते थे और अपने सारे काम वही निपटाते थे.

Ram Vilas Paswan said, 'There is no other like him'

Ram Vilas Paswan said, 'There is no other like him'

केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान उनको याद करते हुए भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि हमारे प्रेरणास्रोत नेता जॉर्ज फर्नांडिस अब इस दुनिया में नहीं रहे. राम विलास पासवान ने कहा कि उनकी राजनैतिक जीवन की शुरुआत जो हुई है वह जॉर्ज फर्नांडीस के 5 सालों में ही हुई है. सबसे पहले वह उन्हीं के पार्टी से ही राजनीति शुरू करने वाले शख्स हैं. राम विलास पासवान ने कहा कि उनके बारे में दो चार मिनट कह देने से उनकी यादें पूरी नहीं होंगी बल्कि उनके लिए तो पूरा दिन अगर निकाला जाए तो वो भी कम है. क्योंकि उनके साथ बहुत सारी यादें जुड़ी हैं. खासतौर पर उन्होंने कहा कि जब 75 में उन्हें अमेरिका जाना था उस वक्त जॉर्ज फर्नान्डिस ने यहीं से ही उनके सारे इंतजाम बैठ कर तय कर दिए थे.

राम विलास पासवान के आगे बताया कि एक बार मुंबई में मोनो फंस गए थे वहां कर्फ्यू लगा हुआ था, लेकिन जैसा ही उन्होंने जॉर्ज फर्नांडीस का नाम ऑटो ड्राइवर को बताया उसने उन्हें सकुशल रेलवे स्टेशन पर छोड़ा. और एक पैसा भी नहीं लिया ऐसा वक्त था जॉर्ज फर्नांडिस का. युवा सांसद चिराग पासवान कहते हैं कि बहुत कुछ सुना है उनके बारे में और बहुत कुछ जाना है. उनकी बातों को अमल करने की पूरी कोशिश करते हैं. क्योंकि सादा जीवन उच्च विचार यह उनका मूल मंत्र था.