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राहुल गांधी से हुई JMM और JVM की अकेले मीटिंग, हेमंत बोले- सीटों की घोषणा होली के बाद

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जेएमएम और जेवीएम के नेताओं ने मुलाकात की है.

राहुल गांधी से हुई JMM और JVM की अकेले मीटिंग, हेमंत बोले- सीटों की घोषणा होली के बाद
हेमंत और बाबूलाल ने राहुल गांधी से मुलाकात की है. (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः झारखंड महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कहा जा रहा है कि सभी दलों के बीच मामला सुलझ गया है. लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने मुलाकात की. वहीं, इसके बाद जेवीएम के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी राहुल गांधी से मुलाकात की है. कांग्रेस के साथ मीटिंग के बाद हेमंत सोरेन ने कहा सारी बातें तय हो चुकी है. अब केवल अधिकारिक घोषणा होना बांकी है. जो होली के बाद झारखंड में किया जाएगा.

महागठबंधन में सीटों को तय करने के लिए लगातार बैठकें हो रही है. जिसके बाद कहा जाता है कि सभी बातें सुलक्ष गई है. लेकिन इसके बाद ही अलग सुगबुगाहट होने लगती है. सारी बाते तय होने के बाद भी अब सवाल उठाया जा रहा है कि जब दिल्ली में महागठबंधन के नेता मौजूद थे तो जेएमएम और जेवीएम अध्यक्ष ने राहुल गांधी से अलग-अलग मुलाकात क्यों की.

वहीं, हेमंत सोरेन ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि सभी बातें सुलक्ष गई है. सीटों की संख्या भी तय हो चुकी है. अब इसकी आधिकारिक घोषणा बांकी है. जिसे शिबू सोरेन झारखंड में करेंगे. उन्होंने कहा कि होली के बाद सीटों का ऐलान कर दिया जाएगा.

सूत्रों की मानें तो झारखंड में महागठबंधन में 6+5+2+1 का फॉर्मूला तय किया गया है. जिसमें कांग्रेस को 6 सीट, जेएमएम को 5 सीट, जेवीएम को 2 सीट और आरजेडी को 1 सीट दिए जाने की बात कही जा रही है. लेकिन इस फॉर्मूले पर आरजेडी ने आपत्ति जाताई थी और तीन सीट की मांग की थी.

वहीं, जेवीएम दो सीटें मानने को तैयार है लेकिन वह गोड्डा और कोडरमा सीट पर अड़े हुए हैं. जेवीएम नेता बाबूलाल मरांड ने भी शनिवार को राहुल गांधी से मुलाकात की है. हालांकि उनकी क्या बातें हुई है यह सामने नहीं आई है. लेकिन हेमंत सोरेन की मानें तो उनका कहना है कि उन्हें सारी बातें बताई गई है और वह सारी बातें समझ गए हैं.

हालांकि, इसमें वामदलों को लेकर बातें अभी भी साफ नहीं हुई है. हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कहा था कि वामदलों को भी महागठबंधन में लेना चाहिए. लेकिन उन्होंने साफ नहीं किया कि कांग्रेस से मुलाकात के बाद इसपर क्या फैसला लिया गया है.

बता दें कि सीपीआई की ओर से डी राज ने हेमंत सोरेन से बात की थी. जिसमें उन्होंने महागठबंधन में वामदलों को जोड़ने के लिए आग्रह किया था. साथ ही हजारीबाग को सीपीआई की परंपरागत सीट बताते हुए इसे वामदल को देने की बात कही. साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें हजारीबाग सीट नहीं मिलती है तो हजारीबाग समेत अन्य सीटों पर भी सीपीआई अपनी उम्मीदवार उतारेगी.