बिहार: पटना हाईकोर्ट ने नगर निगम चुनाव पर लगाई आंशिक रोक, JDU ने किया आंदोलन का ऐलान
topStories0hindi1379882

बिहार: पटना हाईकोर्ट ने नगर निगम चुनाव पर लगाई आंशिक रोक, JDU ने किया आंदोलन का ऐलान

Nagar Nigam Chunav: पटना हाईकोर्ट ने कहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेवारी का पालन नहीं कर रहा है.

 

बिहार: पटना हाईकोर्ट ने नगर निगम चुनाव पर लगाई आंशिक रोक, JDU ने किया आंदोलन का ऐलान

पटना: Nagar Nigam Chunav: बिहार में चल रहे नगर निकाय चुनाव को लेकर पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है. कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए निकाय चुनाव पर आंशिक रोक लगाई है. इसके तहत अब कुछ सीटों पर चुनाव नहीं होगा.

'सुप्रीम कोर्ट के आदेश का नहीं पालन'
कोर्ट के मुताबिक, बिहार सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने पिछड़ों को आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया है. हाईकोर्ट ने सबसे ज्यादा नाराजगी राज्य निर्वाचन आयोग पर जताई है. उच्च न्यायालय ने कहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेवारी का पालन नहीं कर रहा है.

जेडीयू ने फैसले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
इधर, कोर्ट के फैसले पर सियासत भी शुरू हो गई है. जदयू संसदीय दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने हाईकोर्ट के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और इसे बीजेपी की गहरी साजिश बताया है.

उपेंद्र कुशवाहा ने बताया बीजेपी की साजिश
उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट कर लिखा, 'बिहार में चल रहे नगर निकायों के चुनाव में अतिपिछड़ा आरक्षण को रद्द करने एवं तत्काल चुनाव रोकने का उच्च न्यायालय का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसा निर्णय केन्द्र सरकार और भाजपा की गहरी साजिश का परिणाम है. अगर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने समय पर जातीय जनगणना (Caste Census) करावाकर आवश्यक संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी कर ली होती तो आज ऐसी स्थिति नहीं आती. केन्द्र सरकार और भाजपा के इस साजिश के खिलाफ जेडीयू आंदोलन करेगा. शीघ्र ही पार्टी कार्यक्रम की घोषणा करेगी.'

बीजेपी ने नीतीश कुमार पर लगाया आरोप
इधर, बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. निखिल आनंद ने कहा कि नगर निकाय चुनाव पर कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी सीएम नीतीश की हरकत से नाराज है. उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने जानबूझकर पिछड़ा-अति पिछड़ा को धोखा दिया है.

'नीतीश ने पिछड़ा-अति पिछड़ा को अपमानित किया'
निखिल आनंद ने कहा, 'नीतीश कुमार बताएं कि आयोग गठन करने की जिम्मेदारी किसकी थी? नीतीश कुमार सब जानते थे फिर भी पिछड़ा-अति पिछड़ा को अपमानित करवा दिया. सीएम बताएं कि बिना तैयारी के चुनाव प्रक्रिया क्यों शुरू किया गया और बिना तैयारी और तथ्य के कोर्ट में क्यों पक्ष रखने सरकार गई.'

निखिल आनंद ने उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जेडीयू का बयान चोरी करने के बाद सीनाजोरी करने जैसा है. जेडीयू के लोग भद पिटवाने के बाद अब छाती पीटने का नाटक ना करें. नीतीश कुमार की पिछड़ा-अति पिछड़ा विरोधी मानसिकता की पोल खुल गई है. बिहार का पिछड़ा अति पिछड़ा समाज इस बेज्जती का बदला नीतीश कुमार से जरूर लेगी.

(इनपुट-रूपेंद्र श्रीवास्तव/रजनीश)

Trending news