BA.2.86 Virus: कोरोनावायरस अब बीए.2.86 यानी पिरोला के तौर पर दस्तक दे चुका है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कितना घातक साबित हो सकता है इसके बारे में पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन यह डेल्टा और ओमिक्रॉन से अलग है.
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एक बार फिर कोरोना वायरस अपना पांव पसारने लगा है. ब्रिटेन, डेनमार्क, इजराइल के बाद अब अमेरिका में भी केस सामने आ रहे हैं. कोरोना अब रूप बदल चुका है, विश्व स्वास्थ्य संगठन और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने इसकी पुष्टि बीए.2.86 या पिरोला के तौर पर की है. 19 अगस्त को सात नए केस के बाद इस पर निगरानी की जा रही है. बता दें कि यूके में जो मामले सामने आए थे उसे अनौपचारिक तौर बीए.2.86 या निकनेम एरिस दिया गया है हालांकि औपचारिक तौर पर पुष्टि अभी भी नहीं की गई है.
अब सवाल यह है कि बीए.2.86 या पिरोला किस हद तक दुनिया में कहर बरपा सकता है. इसके लक्षण क्या हैं उसे समझने की कोशिश करेंगे. जीसेड(GISAID)के मुताबिक इसमें करीब 30 बदलाव हैं जो संक्रामक भी है. कोरोना के इस रूप यानी पिरोला, ओमिक्रॉन, अल्फा, डेल्टा से अलग है. अब यह कितना खतरनाक हो सकता है इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं मिल सकी है लिहाजा इसे अधिक खतरनाक माना जा रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इसमें वैक्सीन को चकमा देने की ताकत होने की संभावना है, दरअसल पिरोला के केस किसी एक देश से नहीं बल्कि कम संख्या में ही करीब चार देशों में मिले हैं.
ये हैं कुछ खास लक्षण
पिरोला क्या पहले वाले वायरस की तरह हैं इसके बारे में शोधकर्ताओं का कहना है कि निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकते. लेकिन अगर आपको यह लक्षण नजर आएं तो सतर्क होने की जरूरत है.
ऐसे करें बचाव
अगर आप कोरोना से संक्रमित हो जाएं तो डॉक्टरों की सलाह के साथ इन उपायों पर जरूर करें
शोधकर्ताओं का कहना है कि बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है.