विशेष अदालत के जज मेरे परिवार के लिए भगवान बनकर आए: अंशुल छत्रपति

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत राम रहीम को दोषी करार दे चुकी है. 

विशेष अदालत के जज मेरे परिवार के लिए भगवान बनकर आए: अंशुल छत्रपति
अंशुल छत्रपति 2002 से इस लड़ाई को लड़ रहे हैं..

राजन शर्मा.पंचकूला: पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत राम रहीम को दोषी करार दे चुकी है. अदालत ने राम रहीम सहित तीन अन्य आरोपियों को आईपीसी की धारा 302 और 120 बी के तहत दोषी करार दिया गया. सजा का ऐलान 17 तारीख को होना है.

फैसला आने के बाद ज़ी मीडिया से खास बातचीत करते हुए पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने कहा कि सीबीआई की विशेष अदालत के जज उनके परिवार के लिए भगवान बनकर आए. एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ लड़ाई उन्होंने लड़ी है जिसके आगे सरकार की सरकार झुक जाती थी लेकिन आज उनके परिवार को न्याय मिला है.

अंशुल ने कहा, "वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से राम रहीम को देख पा रहा था. शांत बैठे हुए राम रहीम के लिए दोषी करार दिया जाना एक झटके के जैसा था. जैसे ही फैसला सुना और परिवार को बताया तो वह भावुक क्षण था. हमें लगा कि जज खुद भगवान के रूप में आकर उनको न्याय देने के लिए आए हैं."  

आपको बता दें कि अंशुल छत्रपति 2002 से इस लड़ाई को लड़ रहे हैं. इसके साथ-साथ वह अखबार जिसके छापने की वजह से उनके पिता रामचंद्र छत्रपति की हत्या की गई थी, आज भी वह अखबार अंशुल लगातार सक्रिय किए हुए हैं. अंशुल का कहना है कि उनके पिता ने डेरे का सच दिखाया जिसकी वजह से उनकी हत्या कर दी गई लेकिन आज जब यह फैसला आया है तो हमें लगता है कि आज उनका बलिदान सफल हुआ है. अंशुल ने कहा कि हम हर उस व्यक्ति और भारतीय न्यायपालिका को धन्यवाद करना चाहते हैं जिन्होंने हमारे साथ मिलकर यह लड़ाई लड़ी क्योंकि अकेले मेरे या मेरे परिवार के लिए यह लड़ाई लड़ना संभव नहीं था.