परंपरा 2019 में बच्चों ने दी भरतनाट्यम, कथक, तबला एवं इंडियन कंटेंपरेरी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति

इस बार के वार्षिक उत्सव का सबसे महत्वपूर्ण और खूबसूरत कथन यह रहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से "गुरु- शिष्य-परंपरा" की एक उत्कृष्ट झलक देखने को मिली.

परंपरा 2019 में बच्चों ने दी भरतनाट्यम, कथक, तबला एवं इंडियन कंटेंपरेरी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति

नई दिल्‍ली : हर वर्ष की तरह षडज फाउंडेशन संस्था द्वारा इस साल भी वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया. मुक्तधारा ऑडिटोरियम में "परंपरा 2019" कार्यक्रम का आयोजन किया गया. संस्था के संस्थापक गुरु अरुणाभ चंदा और गुरु एमिली मुंशी चंदा की देखरेख एवं निर्देशन में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस बार के वार्षिक उत्सव का सबसे महत्वपूर्ण और खूबसूरत कथन यह रहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से "गुरु- शिष्य-परंपरा" की एक उत्कृष्ट झलक देखने को मिली.

इस कार्यक्रम में एक ही मंच पर तीन पीढ़ी यानि गुरु-शिष्य और उनके भी शिष्य ऐसी मनमोहक झलक देखने को मिली. षडज फाउंडेशन में शिक्षक के रूप में कार्यरत सौरभ शेषन, शुभंकर चटर्जी, सुष्मिता कानजीलाल, सूरज कुमार, अविनाश ठाकुर एवं अंजलि गौड़ ने इस कार्यक्रम में अहम योगदान निभाया. 

फाउंडेशन द्वारा गुरु शिष्य परंपरा की इस विधि को बहुत ही अपनत्व के साथ संजोकर रखा जा रहा है. फाउंडेशन में प्रशिक्षण ले रहे बच्चों के द्वारा भरतनाट्यम, कथक, तबला एवं इंडियन कंटेंपरेरी नृत्य की प्रस्तुति दी गई. इसमें मुख्य अतिथि के रुप में आम आदमी पार्टी के स्‍टेट कनविनर बृजेश गोयल ने हिस्‍सा लिया, जबकि संगीत एवं नृत्य जगत के भी अनेक दिग्गज  कलाकारों ने इसमें शिरकत की.