जामिया हिंसा: पुलिस ने खोज निकाले 4 चेहरे जिनपर है उपद्रव फैलाने का आरोप

गिरफ्तार हुए लोगों में दानिश, दिलशाद, मोहम्मद हनीफ, शरीफ अहमद, समीर अहमद, मोहम्मद दानिश, ईनल हुसैन, अनवर काला, युनुस और जुम्मन शामिल हैं. रविवार को जामिया इलाके में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ खान और आम आदमी पार्टी की जामिया युनिवर्सिटी छात्र विंग के नेता कासिम उस्मानी के खिलाफ FIR दर्ज की है. इसके अलावा इस FIR में सात और लोगों के नाम हैं.

जामिया हिंसा: पुलिस ने खोज निकाले 4 चेहरे जिनपर है उपद्रव फैलाने का आरोप
जामिया हिंसा में जिन 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है, उनमें ये 4 लोग भी हैं.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के पास स्थित न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ रविवार के विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर वाहनों को आग लगाए जाने की घटना में संलिप्तता के लिए कम से कम 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'गिरफ्तार 10 लोगों में से तीन इलाके के खराब चरित्र वाले शख्स हैं. उनकी पहचान की गई है और उन्हें हिरासत में ले लिया गया है.' पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि इनमें से कोई भी जामिया का विद्यार्थी नहीं है.

गिरफ्तार हुए लोगों में दानिश, दिलशाद, मोहम्मद हनीफ, शरीफ अहमद, समीर अहमद, मोहम्मद दानिश, ईनल हुसैन, अनवर काला, युनुस और जुम्मन शामिल हैं. रविवार को जामिया इलाके में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ खान और आम आदमी पार्टी की जामिया युनिवर्सिटी छात्र विंग के नेता कासिम उस्मानी के खिलाफ FIR दर्ज की है. इसके अलावा इस FIR में सात और लोगों के नाम हैं.

मंगलवार को दिल्ली के सीलमपुर और जाफराबाद इलाके में भी जबरदस्त हिंसा हुई थी और पुलिस का कहना है कि इस हिंसा से पहले..कांग्रेस के पूर्व विधायक मतीन अहमद और आम आदमी पार्टी के विधायक हाजी इशराक के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई थी. इस रैली में नागरिकता कानून के खिलाफ भाषण दिए गए थे. प्रदर्शन के बाद वहां जाम लग गया और जब पुलिस जाम खुलवाने पहुंची तो भीड़ ने हिंसा शुरू कर दी. पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और स्कूल बसों को भी निशाना बनाया गया. इन बसों में स्कूली छात्र और अध्यापक मौजूद थे.

FIR में आइसा और आप की स्टूडेंट विंग के पदाधिकारी का भी नाम
जामिया नगर थाने में दर्ज एफआईआर तो यही साफ-साफ बयान कर रही है. कानूनी पचड़े में फंसने वालों में सबसे आगे नाम होगा दिल्ली के एक पूर्व विधायक (एमएलए), आइसा के एक पदाधिकारी/सदस्य, आम आदमी पार्टी की सीवाईएसएस स्टूडेंट विंग का एक पदाधिकारी और एक पदाधिकारी/सदस्य एसआईओ का.

जामिया नगर थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 0298 तो इस ओर साफ-साफ इशारा कर रही है. यह एफआईआर जामिया नगर थाने के एसएचओ उपेंद्र सिंह के बयान पर 16 दिसंबर 2019 को दर्ज कराई गई है, जबकि घटनास्थल जामिया मिलिया विवि का गेट नंबर 4,7,8 के बाहर मौलाना मोहम्मद अली जौहर मार्ग दर्ज है. आईएएनएस के पास मौजूद इस एफआईआर में जिन लोगों का नाम बतौर मुलजिम दर्ज है उनमें, सबसे पहला नाम अबुल फजल जामिया नगर निवासी किसी आशू खान का है. एफआईआर में आशू को स्थानीय नेता बताया गया हैं.

दूसरा नाम मुस्तफा का है. यह भी लोकल पॉलिटिशीयन ही बताया गया है. तीसरे नंबर पर स्थानीय नेता और मुलजिम के रूप में अबुल फजल निवासी हैदर का नाम दर्ज है. जामिया नगर थाने में दर्ज इस एफआईआर में चौथा और महत्वपूर्ण नाम है दिल्ली के पूर्व विधायक आसिफ खान का नाम. इन पर भी दंगा भड़काने, भीड़ को उकसाने, सरकारी कामकाज में बाधा डालने , पुलिस पर हमला करने कराने का आरोप है. एफआईआर में पांचवे नंबर पर आईसा के चंदन कुमार (जामिया विवि) का नाम है. चंदन कुमार के पते की जगह एफआईआर में जामिया विवि, जामिया नगर ही दर्ज किया गया है.

छठा नाम आसिफ तन्हा का है. आसिफ तन्हा के पते की जगह पर भी जामिया विवि ही दर्ज है, जबकि एफआईआर में दर्ज अंतिम मुलजिम के रूप में जामिया विवि सीवाईएसएस के कासिम उस्मानी का नाम लिखा गया है. यह एफआईआर जामिया नगर थाने के एसएचओ के बयान पर दर्ज की गई है. एसएचओ ने एफआईआर में लिखवाया है कि, दो दिन से इलाके में कुछ लोग स्टूडेंट्स के साथ मिलकर हल्का-फुल्का विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. रविवार 15 दिसंबर को दोपहर के करीब 3 बजे पूर्व एमएलए आसिफ खान और उनके साथ मौजूद आशू खान, मुस्तफा, हैदर, आसिफ तन्हा, चंदन कुमार, कासिम उस्मानी छात्रों के बीच में घूम-घूमकर नारेबाजी करने लगे. वे सब छात्रों को दो-तीन दिन से भड़का रहे थे. कैब और एनआरसी के विरोध में छात्रों की भीड़ को उकसा रहे थे.

जामिया छात्रों की रिहाई की याचिका पर सुनवाई करेगा दिल्ली हाईकोर्ट
नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के तीन छात्रों को रिहा करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा. न्यायमूर्ति विभु बाखरू इस मामले पर लंच के बाद सुनवाई कर सकते हैं, क्योंकि मामले की फाइल अभी तक कोर्ट में प्राप्त नहीं हुई है.

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