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कश्मीर पर जारी तनातनी के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर हो सकती है भारत-पाक बैठक

भारत ने सितंबर के पहले हफ्ते में बैठक का प्रस्ताव पाकिस्तान के सामने रखा है. 

कश्मीर पर जारी तनातनी के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर हो सकती है भारत-पाक बैठक
सिखों के बेहद पवित्र तीर्थस्थलों में से एक करतारपुर साहिब गुरुद्वारा भारतीय सीमा से महज चंद किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान में स्थित है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: करतापुर कॉरिडोर को लेकर भारत ने पाकिस्तान के सामने सितंबर के पहले हफ्ते में बैठक का प्रस्ताव रखा है. भारत ने यह प्रस्ताव ऐसे समय में रखा है जब जम्मू कश्मीर को लेकर दोनों देशों के रिश्तों खासे तनावपूर्ण है. इस बैठक में करतापुर कॉरिडोर की तैयारियों को लेकर चर्चा होगी. 

बता दें सिखों के बेहद पवित्र तीर्थस्थलों में से एक करतारपुर साहिब गुरुद्वारा भारतीय सीमा से महज चंद किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान में स्थित है. इस गलियारे से सिख श्रद्धालुओं को बिना वीजा गुरुद्वारे तक जाने की इजाजत होगी.
 
पाकिस्तान सिख तीर्थयात्रियों की वीजा प्रक्रिया 30 सितंबर तक पूरी करेगा
वहीं पाकिस्तान के अधिकारियों ने ननकाना साहिब में गुरु नानक देव की 550वीं जयंती समारोह में भाग लेने के लिए भारत और दुनियाभर के सिख तीर्थयात्रियों को वीजा जारी करने की प्रक्रिया 30 सितंबर तक पूरा करने का फैसला किया है. मीडिया को यह जानकारी गुरुवार को दी गई.  डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को लाहौर में पंजाब प्रांत के गवर्नर चौधरी सरवर की अध्यक्षता में रिलीजियस टूरिज्म एंड हेरिटेज कमिटी (आरटीएचसी) की बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया.

दुनियाभर से पहुंचेेंगे सिख तीर्थयात्री
बैठक के बाद गवर्नर ने मीडियाकर्मियों को बताया कि सिख तीर्थयात्रियों के लिए वीजा प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू की जाएगी और महीने के अंत में पूरी कर ली जाएगी. उन्होंने कहा कि गुरु नानक के जन्मस्थल ननकाना साहिब में 'टेंट सिटी'(तंबू शहर) स्थापित करने का काम अगले हफ्ते से शुरू होगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सच्चा सौदा से ननकाना साहिब तक सड़क के निर्माण के लिए और परियोजना पर काम शुरू करने के लिए जल्द ही फंड उपलब्ध कराए जाएंगे.

सरवर ने कहा कि कई सिख तीर्थयात्री सभा में भाग लेने के लिए भारत के अलावा ब्रिटेन, अमेरिका और अन्य देशों से भी यहां पहुंचेंगे.