बड़ा कीर्तिमान रचने की राह पर इंडियन रेलवे, 3.5 सालों में पूरा करेगी ये लक्ष्य

 रेलवे के बीते दिनों बैटरी से पटरी पर ट्रेन दौड़ाने का एक्सपेरिमेंट करने के बाद इस कड़ी में एक और कामयाबी जुड़ने जा रही है. 

बड़ा कीर्तिमान रचने की राह पर इंडियन रेलवे, 3.5 सालों में पूरा करेगी ये लक्ष्य
भारतीय रेलवे.

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे (Indian Railways) कोरोना काल में नई-नई उपलब्धियां हासिल कर रही है. रेलवे के बीते दिनों बैटरी से पटरी पर ट्रेन दौड़ाने का एक्सपेरिमेंट करने के बाद इस कड़ी में एक और कामयाबी जुड़ने जा रही है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अगले 3.5 सालों में इंडियन रेलवे का पूरी तरह से विद्युतीकरण हो जाएगा. यानी आने वालों सालों में रेलवे पूरी तरह से बिजली से चलने वाला रेल नेटवर्क बन जाएगी.

सीआईआई के एक कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने कहा, 'भारतीय रेलवे 2023 तक 100 प्रतिशत बिजली से चलने वाला रेल नेटवर्क होगी. इसके अलावा जल्द ही हम भारतीय रेल के दुनिया के पहले स्वच्छ रेलवे (Clean Railways) होने पर भी गर्व महसूस करेंगे. इंडियन रेलवे ने साल 2030 तक ग्रीन रेलवे में बदलने का भी लक्ष्य रखा गया है.' गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' को बढ़ावा दिया है. 

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रेलवे के कार्बन उत्सर्जन को जीरो और नेटवर्क को हरित करने का लक्ष्य के तहत विद्युतीकरण के क्षेत्र और सोलर प्लांट से बिजली बनाने के क्षेत्र में काम किया जा रहा है.

 रेलवे ने 40 हजार से ज्यादा रूट किमी का विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया है. यह ब्रॉड गेज मार्गों का 63 प्रतिशत है. रेलवे की ओर से 2014-2020 के दौरान 18,605 KM मार्ग का बिजलीकरण किया गया, जबकि 2009-14 में महज 3,835 किलोमीटर मार्ग को बिजली से जोड़ा गया था. रेलवे ने व्यस्त नेटवर्क पर सभी मार्गों को दिसंबर 2023 तक इलेक्ट्रिफिकेशन करने की योजना बनाई है.

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