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कांग्रेस ने छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त किए पर्यवेक्षक

केंद्रीय पर्यवेक्षक नवनिर्वाचित विधायकों से बात करेंगे, उनकी राय जानेंगे और विधायक दल के नेता के चुनाव की निगरानी करेंगे.

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त किए पर्यवेक्षक
फाइल फोटो

नई दिल्ली: कांग्रेस ने मंगलवार को छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को भेजा है जो विधायक दल के नेताओं के चुनाव की निगरानी करेंगे. सूत्रों ने यह जानकारी दी. लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को छत्तीसगढ़ में पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा गया है. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को राजस्थान जबकि एके एंटनी को मध्य प्रदेश के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. तीनों राज्यों में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुधवार को होगी, जिसमें विधायक दलों के नेता चुने जाएंगे. केंद्रीय पर्यवेक्षक नवनिर्वाचित विधायकों से बात करेंगे, उनकी राय जानेंगे और विधायक दल के नेता के चुनाव की निगरानी करेंगे.

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे लगातार आ रहे हैं. सरकार बनाने के लिए राज्य के मुख्य दल बीजेपी और कांग्रेस को 116 सीटें जीतने की जरूरत है. मतगणना के दौरान प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर चल रही है. इसी बीच 114 सीटों पर आगे चल रही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर अपनी सरकार बनाने का दावा पेश किया है. साथ ही उन्होंने आज देर रात राज्यपाल से मिलने का वक्त भी मांगा है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने राज्यपाल को लिखे पत्र में उनसे मिलने का वक्त मांगा है और प्रदेश के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर आने की संभावना और विजयी हुए निर्दलीय के समर्थन की बात करते हुए प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया है.

पत्र में नाथ ने लिखा है, ‘‘कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरकर आ रही है. इसके अलावा कांग्रेस को सभी निर्दलियों का भी समर्थन हासिल है.’’ इसके साथ ही कमलनाथ ने परिणामों की अधिकृत घोषणा के साथ ही वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगते हुए प्रदेश में सरकार बनाने की अनुमति चाही है.

राजभवन ने दिया जवाब
उधर, राज्यपाल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चुनाव आयोग की तरफ से तस्वीर साफ होने के बाद ही मिलने का समय दिया जाएगा.

जल्दबाजी में है कांग्रेस: बीजेपी
कमलनाथ की चिट्ठी को लेकर मध्य प्रदेश बीजेपी के महामंत्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा, ''कांग्रेस जल्दी में हैं, अंतिम परिणाम अभी तक नहीं आया है. उन्हें इंतजार करना चाहिए, जब फाइनल रिजल्ट आएंगे, बीजेपी बहुमत हासिल करने वाली पार्टी होगी.''

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव परिणाम का रोमांच बरकरार है. अब कांग्रेस एक बार फिर से बहुमत के करीब पहुंच गई है. चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों में से अब तक घोषित परिणामों के अनुसार 72 सीटों पर भाजपा, 73 सीटों पर कांग्रेस और तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी घोषित हुए है. इसके अलावा रुझान के मुताबिक भाजपा 37, कांग्रेस 41, बसपा दो, सपा एक और निर्दलीय एक सीट पर आगे चल रहे हैं.

मध्य प्रदेश चुनाव आयोग ने साफ किया है कि बहुत कम सीटों पर काउंटिंग बची है. जल्द ही नतीजे वेबसाइट पर अपडेट किए जाएंगे. आयोग का कहना है कि लगभग 100 सीटों के परिणाम अभी रुके हुए हैं और मिडनाइट तक सभी नतीजे आएंगे. मध्य प्रदेश चुनाव आयुक्त वीएल कांताराव का कहना है कि अभी कई सीटों पर 6 से 7 राउंड की काउंटिंग बाकी है. पत्रकारों के सवाल पर कांताराव ने कहा कि हो सकता है कि पूरी तस्वीर रात 11-12 बजे तक साफ हो. मतगणना में हो रही देरी पर कांताराव ने कहा कि हर सीट पर लगभग 20-30 प्रत्याशी हैं जिनको परिणाम की फोटोकॉपी करवाकर सौंपी जा रही है. इससे समय लग रहा है.

उधर, भोपाल में कांग्रेस नेताओं की बैठक जारी है. मध्य प्रदेश में अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो कमलनाथ सबसे आगे हैं. ज्योतिरादित्य का नाम भी दौड़ में है. पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) के रुझानों में सबसे दिलचस्‍प रुझान मध्‍य प्रदेश में देखने को मिल रहे हैं. यहां पर सियासी स्‍कोर क्रिकेट मैच की तरह कभी कांग्रेस और कभी बीजेपी की तरफ झुकता दिख रहा है. इस वक्‍त के रुझानों के मुताबिक मध्‍य प्रदेश की 230 सीटों में से कांग्रेस की 117 और बीजेपी की 104 सीटों पर बढ़त है. बसपा 2 और अन्‍य सात सीटों पर आगे हैं.

(इनपुट भाषा से)