फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ मुस्लिम समाज का विरोध, कांग्रेस MLA समेत 2 हजार पर केस
Advertisement
trendingNow1/india/madhya-pradesh-chhattisgarh/madhyapradesh775758

फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ मुस्लिम समाज का विरोध, कांग्रेस MLA समेत 2 हजार पर केस

फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों के बयान को लेकर दुनिया भर में मुस्लिमों का आक्रोश बढ़ रहा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के इकबाल मैदान में भी विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में हजारों की संख्या में लोग एकत्र हुए और फ्रांस के राष्ट्रपति का कड़ा विरोध किया.

फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन

भोपाल: फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों के बयान को लेकर दुनिया भर में मुस्लिमों का आक्रोश बढ़ रहा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के इकबाल मैदान में भी विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में हजारों की संख्या में लोग एकत्र हुए और फ्रांस के राष्ट्रपति का कड़ा विरोध किया. साथ ही उनसे माफी मांगने की अपील की. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का जमकर उल्लंघन किया गया. पुलिस ने विधायक आरिफ मसूद समेत 2 हजार अज्ञात लोगों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन ना करने का लेकर केस दर्ज कर लिया है. 

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद  ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारत में रह रहे मुस्लिमों को आहत किया है, इसलिए भारत के प्रधानमंत्री को या निर्णय लेना चाहिए कि फ्रांस से अब हमें आयात-निर्यात बंद कर दिया जाए.  इस दौरान इकबाल मैदान में भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग पहुंचे. 

ये भी पढ़ें: उपचुनाव से पहले कांग्रेस नेता सचिन यादव का दावा- हमारे संपर्क में कई BJP विधायक

आपको बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने पैगंबर हजरत मोहम्मद का कार्टून को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी. यही वजह है कि विश्व भर के मुस्लिम समुदाय में आक्रोश है और उनसे माफी मांगने की अपील की जा रही है,  मुस्लिम समुदाय का कहना है कि जब तक वह माफी नहीं मांगेंगे, तब तक इसी तरह के आंदोलन विश्व भर में जारी रहेंगे.

गौरतलब है कि  इस विवाद की शुरुआत 16 अक्टूबर को हुई जब फ्रांस में सैमुअल पैटी नाम के एक शिक्षक की स्कूल के पास ही गला काटकर हत्या कर दी गई.  सैमुअल पैटी ने अपने स्टूडेंट्स को पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दिखाए थे. सैमुअल पैटी की हत्या से फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों बेहद नाराज हुए और उन्होंने पैटी के प्रति सम्मान जाहिर किया.  इसके बाद पैटी को मरणोपरांत फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया गया और इस समारोह में खुद मैक्रों शामिल हुए.  उन्होंने इसे इस्लामिक आतंकवाद करार दिया था.  कई इस्लामिक देशों को यह नागवार गुजरा और उन्होंने पैगंबर का अपमान करने वाले को सम्मानित किए जाने की निंदा की. 

WATCH LIVE TV: 

 

Trending news