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CG: डॉक्टरों की हड़ताल से चौपट हुई राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज

आईएमए के डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से ना तो जूनियर डॉक्टर और ना ही सीनियर डॉक्टर अस्पतालों में नजर आ रहे. अंबेडकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी डॉक्टरों ने राउंड नहीं लिया और ना ही वहां किसी प्रकार से मरीजों का इलाज किया जा रहा है. 

CG: डॉक्टरों की हड़ताल से चौपट हुई राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज
अस्पताल प्रबंधन ने इमरजेंसी और ओपीडी कि किसी भी प्रकार की सूचना देने से मना कर दिया है. (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः डॉक्टरों के हड़ताल की वजह से पूरे पूरे देश में ही स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है. ऐसे में छत्तीसगढ़ में भी इसका पूरा असर देखने को मिल रहा है. राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है. सरकार ने यह दावा किया था कि सरकारी अस्पतालों में की व्यवस्था संचालित रहेगी, लेकिन अंबेडकर अस्पताल में और दूसरे शासकीय अस्पतालों में किसी प्रकार की ओपीडी की व्यवस्था संचालित नहीं है. आईएमए के डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से ना तो जूनियर डॉक्टर और ना ही सीनियर डॉक्टर अस्पतालों में नजर आ रहे. अंबेडकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी डॉक्टरों ने राउंड नहीं लिया और ना ही वहां किसी प्रकार से मरीजों का इलाज किया जा रहा है. 

दुख की बात यह है कि कुछ डॉक्टर बीच बीच में वार्ड में घूमने आते हैं और फिर चले जाते हैं और बाहर जाकर दूसरे डॉक्टरों के प्रोटेस्ट में शामिल हो जाते हैं. जी एमपी सीजी की टीम ने आंबेडकर अस्पताल पहुंचकर वहां की स्थिति के बारे में जानने की कोशिश की लेकिन वहां पत्रकार लोगों को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई. इस बात की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को भी सूचना दी गई लेकिन डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन ने इमरजेंसी और ओपीडी कि किसी भी प्रकार की सूचना देने से मना कर दिया. इस संबंध में अस्पताल के अधीक्षक डॉ विवेक चौधरी को फोन करके भी सूचना मांगने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने भी फोन नहीं उठाया. 

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आपको बता दें कि सरकार की तरफ से दावा किया गया था सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी लेकिन इस बात कि कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है कि डॉक्टर्स हॉस्पिटल में हैं या नही. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि अस्पतालों में मरीजों को भीतर जाने से रोका जा रहा है. बता दें कि अंबेडकर अस्पताल के गेट पर गाऱ् मरीजों को अंदर जाने से रोक रहे हैं और उन्होंने गेट पर बाहर लिख रखा है कि ओपीडी बंद है. इससे यह साबित हो रहा है ओपीडी और अन्य जरूरी व्यवस्था  को लेकर सरकार की तरफ किए गए सभी दावे बेमतलब हैं.