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पति नहीं चुका पाया कर्जे की रकम तो कर दिया पत्नी की अस्मत का सौदा, मिली सजा

तीय अपर सत्र न्यायाधीश शुजालपुर की अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कर्ज उतारने के लिए अपनी पत्नी की अस्मत लुटवाने वाले पति और बलात्कार करने वाले आरोपी को 20-20 वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया है

पति नहीं चुका पाया कर्जे की रकम तो कर दिया पत्नी की अस्मत का सौदा, मिली सजा
आरोपी हकीम ने रुपए के बदले में तौसीफ से उसकी पत्नी की इज्जत की मांग की थी

मनोज जैन, शाजापुर: मध्यप्रदेश के शुजालपुर जिले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश शुजालपुर की अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कर्ज उतारने के लिए अपनी पत्नी की अस्मत लुटवाने वाले पति और बलात्कार करने वाले आरोपी को 20-20 वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा से दंडित किया है.

शुजालपुर के इस मामले में रिश्तों को तार-तार तो किया ही गया साथ ही आज के समाज में पैसे की हवस में इंसान किस कदर अंधा हो चुका है यह भी नजर आया. एक पति बकाये की रकम के लिए अपनी ही पत्नी की आबरू का सौदा करने पर आमादा हो गया था. जानकारी के मुताबिक मामला जिले के कोड़ी गांव का है जहां वर्ष 2015 में आरोपी पति तौसीफ खान अपनी पत्नी का बलात्कार गांव के ही मुख्य आरोपी हनीफ खां से करवाता है. दरअसल, मुख्य आरोपी हकीम खां को तौसीफ खान से कुछ रुपये लेने थे, जिसे तौसीफ नहीं दे पा रहा था.

आरोपी हकीम ने रुपए के बदले में तौसीफ से उसकी पत्नी की इज्जत की मांग की. जिसके बाद पति तौसिफ ने कर्ज से छुटकारे की खातिर अपनी पत्नी की इज्जत का सौदा हकीम से कर दिया. इसी के चलते मुख्य आरोपी हकीम खान ने तौसीफ की पत्नी के साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया.

20 सितंबर 2015 की रात 8 बजे घटी उस घटना के बाद पति ने अपनी पत्नी को डरा धमकाकर किसी को भी इस घटना को बताने से इनकार किया. पीड़ित पत्नी तकरीबन 15 दिन बाद रायसेन जिले में स्थित अपने मायके गई तब उसने वह पूरी घटना अपने माता-पिता को बताई. जिसके बाद माता-पिता ने अपनी बेटी के साथ हुई घटना की शिकायत कालापीपल थाने में दर्ज करवाई.

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जिस पर माननीय न्यायाधीश द्वारा आरोपी पति तौसीफ खान सहित हकीम खां दोनों को धारा 376(डी) में 20-20 वर्ष के कारावास और 2-2 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई. वहीं धारा 506 में तौसिफ खां को एक वर्ष के कारावास और 500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है.