हौसलाः मोबाइल नेटवर्क की थी समस्या, पहाड़ी पर बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड, रात 12 बजे तक खुलता है सेंटर
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हौसलाः मोबाइल नेटवर्क की थी समस्या, पहाड़ी पर बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड, रात 12 बजे तक खुलता है सेंटर

आदिवासी क्षेत्रों में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के लोगों का हौसला पहाड़ से भी ऊंचा है. वनग्राम और जनजाति क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने पर इन लोगों ने पहाड़ी पर ही अपना दफ्तर खोल लिया.

हौसलाः मोबाइल नेटवर्क की थी समस्या, पहाड़ी पर बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड, रात 12 बजे तक खुलता है सेंटर

खंडवा: आदिवासी क्षेत्रों में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के लोगों का हौसला पहाड़ से भी ऊंचा है. वनग्राम और जनजाति क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने पर इन लोगों ने पहाड़ी पर ही अपना दफ्तर खोल लिया. इसके लिए ग्राम पंचायत से लगभग आधा किलोमीटर केबल बिछाकर 500 फीट ऊंची पहाड़ी पर ले गए और वहीं अपना कैंप लगा लिया. जब नेटवर्क की समस्या हल हो गई तब बायोमेट्रिक आसानी से दर्ज होने की वजह से इन आदिवासी लोगों के आयुष्मान कार्ड बनने लगे.

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दरअसल देश के सभी गरीब,पिछड़े और हितग्राही लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाना केंद्र सरकार की पहली प्राथमिकता है. जिसके लिए सभी जिलों में आयुष्मान कार्ड बनाने के काम को प्राथमिकता से लिया जा रहा है.

रात 12 बजे भी बनते है कार्ड
कलेक्टर अनय द्विवेदी का कहना हैं कि खंडवा जिला मुख्यालय से लगभग सवा सौ किलोमीटर दूर काली घोड़ी के जंगल में मेहलू और धामा गांव ऐसा हैं, जहां नेटवर्क की भारी समस्या है. कार्ड बनाने के लिए बिना नेटवर्क मिले लोगों के बायोमैट्रिक डाटा दर्ज नहीं होते. यह काम कॉमन सर्विस सेंटर के लोगों के लिए चुनौती भरा था. इन लोगों ने गांव के बाहर एक 500 फीट ऊंची पहाड़ी पर नेटवर्क ढूंढा और केबल के जरिए वहां लाइन ले गए. इस पहाड़ी पर दिन के बजाय रात में ज्यादा अच्छा नेटवर्क मिलता है, इसीलिए रात 12:00 बजे तक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे है.

टीम ने निकाला समाधान
कलेक्टर ने कहा इसी गांव में नहीं वन ग्राम के ऐसे अधिकांश गांव है जहां पर नेटवर्क की बड़ी समस्या है, लेकिन जिला प्रशासन और उनकी टीम ने समाधान निकलते हुए इस काम को प्राथमिकता से लिया. यही कारण है कि आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में खंडवा जिला प्रदेश में पांचवें नंबर पर है.

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सभी का कार्ड बनेगा
वहीं जिला प्रबंधक लोक सेवा गारंटी के शैलेंद्र सिंह जादम का कहना हैं कि अभी तक इस गांव में 930 लोगों में से आधे से ज्यादा लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके है. जल्दी ही यहां हर परिवार और व्यक्ति के हाथों में आयुष्मान कार्ड होगा. जिले में बैठे प्रशासन के अधिकारियों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले कॉमन सेंटर के लोगों के इस चुनौती भरे काम की सराहना की है.

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