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शिवराज सिंह चौहान का तंज, 'मध्य प्रदेश सरकार भी राहुल की तरह कन्फ्यूज लगती है'

राज्य सरकार की कर्जमाफी योजना पर सवाल उठाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'ऋणमाफी में कांग्रेस किसानों के साथ एक के बाद एक भद्दा मजाक कर रही है.

शिवराज सिंह चौहान का तंज, 'मध्य प्रदेश सरकार भी राहुल की तरह कन्फ्यूज लगती है'
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो)

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा भावांतर भुगतान योजना बंद किए जाने के ऐलान के बाद यू-टर्न लिए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस सरकार भी राहुल गांधी की तरह कन्फ्यूज लगती है.' शिवराज चौहान ने गुरुवार को ट्वीट किया, 'कांग्रेस सरकार भी राहुल गांधी की तरह कन्फ्यूज लगती है. भावांतर योजना के लिए राशि तो मैं सरकार में रहते हुए रख आया था, लेकिन कांग्रेस सरकार कभी कहती है ये योजना बंद करेंगे, तो हमारे विरोध पर कहती है कि चालू रखेंगे, तो आखिर किसानों को पैसे देती क्यों नहीं?' 

शिवराज ने सीएम रहते हुए शुरू की थी योजना
शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री रहते हुए किसानों को उपज का उचित दाम दिलाने के लिए भावांतर योजना शुरू की थी. इसका मकसद समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर की रकम किसानों को देना था. इस योजना को कांग्रेस सरकार ने पहले बंद करने का ऐलान किया और विरोध होने पर उसमें सुधार के साथ जारी रखने की बात कही. 

'ऋणमाफी में कांग्रेस किसानों के साथ मजाक कर रही है'
राज्य सरकार की कर्जमाफी योजना पर सवाल उठाते हुए चौहान ने कहा, 'ऋणमाफी में कांग्रेस किसानों के साथ एक के बाद एक भद्दा मजाक कर रही है. ऋणमाफी योजना के लाभार्थियों की सोसायटी व राष्ट्रीयकृत बैंकों की सूची आधी अंग्रेजी में है और आधी हिदी में, जिसे पढ़ने में किसान असहज महसूस कर रहे हैं. मेरी मांग है कि लाभार्थी सूची पढ़ने योग्य प्रकाशित की जाए.'

कांग्रेस ने चुनाव से पहले अपने वचनपत्र में किसानों के दो लाख तक के कर्ज माफ करने का वादा किया था. इसी के आधार पर कर्जमाफी के आवेदन 15 जनवरी से भरे जाने का काम शुरू हो गया. राज्य में पांच फरवरी तक आवेदन भरे जाना है और 22 फरवरी से कर्ज की रकम किसानों के खातों में जाने लगेगी. इस योजना से 55 लाख किसानों को लाभ होने का दावा किया गया है और उनके 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ होना संभावित है.