व्यापम महाघोटाला: बंद कर दी गई फाइलें सरकार बदलते ही खुली, तो मिले नए 'मुन्नाभाई'

व्यापम मामले में 197 शिकायतों को बंद करने का फैसला लिया गया था. लेकिन कांग्रेस सरकार ने सितंबर 2019 में इन 197 फाइलों को दोबारा खोलने का फैसला लिया और इन फाइलों को फिर से खोला.

व्यापम महाघोटाला: बंद कर दी गई फाइलें सरकार बदलते ही खुली, तो मिले नए 'मुन्नाभाई'
व्यापम घोटाले के कुछ नए मामले सामने आए

संदीप भम्मरकर/भोपाल: मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले के कुछ नए मामले सामने आए हैं, जिनके खुलने के बाद मध्य प्रदेश की सियासत में एक और भूचाल आ गया है. दरअसल बीजेपी सरकार में व्यापम मामले में 197 शिकायतों को बंद करने का फैसला लिया गया था. लेकिन कांग्रेस सरकार ने सितंबर 2019 में इन 197 फाइलों को दोबारा खोलने का फैसला लिया और इन फाइलों को फिर से खोला. जब जांच हुई तो पता लगा कि कई ऐसे लोग हैं, जो गलत दस्तावेज और किसी और के जरिए एंट्रेंस एग्जाम पास करके डॉक्टर बन गए हैं.

2019 में इन 197 फाइलों को दोबारा खोलने का फैसला लेने के बाद गृहमंत्री बाला बच्चन के निर्देश से मध्य प्रदेश पुलिस की एसटीएफ को मामले की जांच सौंपी गई थी. बीजेपी सरकार के वक्त हुई जांच में इन्हें बंद करने के पीछे शिकायत कर्ताओं के प्रॉपर ऐड्रेस नहीं होने का तर्क दिया गया था और कहा गया था कि इन शिकायतों के जरिए आरोपियों तक नहीं पहुंचा जा सकता है. बाद में उन्हीं मामलों को जब नई सरकार की एसटीएफ में इन्वेस्टिगेट करना शुरू किया गया, तो पुलिस के हाथ कई आरोपी लगे. पिछले दो दिनों में एसटीएफ में ऐसी ही शिकायतों पर 6 नई एफ आई आर दर्ज की गई हैं. इनमें दो मामले ऐसे हैं, जिसमें आरोपियों ने किसी और शख्स के जरिए एमबीबीएस एंट्रेंस एग्जाम पीएमटी क्रैक कर लिया और अन्य चार मामलों में मूलनिवास के फर्जी दस्तावेज हासिल करके एमबीबीएस सीट में वरीयता के लिए छूट हासिल की.

एसटीएफ चीफ अशोक अवस्थी कहते हैं, 'पिछले वक्त जांच पूरी ना होने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं. लेकिन अब हमारी इन्वेस्टिगेशन टीम एकाग्रता और सघनता के साथ जांच कर रही है. इसीलिए हम आरोपियों तक भी पहुंच रहे हैं और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो रही है.

मध्य प्रदेश सरकार के कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, पहले फाइलें बंद करने के पीछे षड्यंत्र भी हो सकता है. हमने चुनावी घोषणा पत्र में यह वचन दिया था कि यह सारे मामले खोले जाएंगे, इसीलिए दोबारा जांच हो रही है.  संदेह इस बात का भी है कि जानबूझकर आरोपियों को बचाने के लिए फाइलें बंद करने का षडयंत्र रचा गया हो. 
वहीं इन आरोपों पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना हैं कि कांग्रेस सरकार इन सब के पीछे अपना राजनीतिक मकसद हासिल करना चाहती है. व्यापमं में हो रही गड़बड़ियों को शिवराज सरकार में ही खोला गया था, और अब केवल वाहवाही बटोरने के लिए कार्यवाही की जा रही है.