रतलाम: राशन घोटाले के आरोपियों को 3 साल बाद मिली जमानत, समर्थकों ने फूल बरसाकर किया स्वागत

26 मार्च 2017 को तत्कालीन कलेक्टर बी. चंद्रशेखर ने शहर की राशन दुकानों में फर्जी समग्र आईडी व फर्जी  पात्रता पर्ची से अनाज आवंटित करने के मामले में आठ राशन दुकानों की जांच कराई थी. 

रतलाम: राशन घोटाले के आरोपियों को 3 साल बाद मिली जमानत, समर्थकों ने फूल बरसाकर किया स्वागत

रतलाम: रतलाम में गुरुवार को जिला जेल के बाहर जश्न का नजारा देखने को मिला. यहां करोड़ों के राशन घोटाले के आरोप में जेल गए आरोपियों को कल तीन साल बाद जमानत पर रिहा किया गया. आरोपियों के समर्थकों को जब खबर लगी तो वे फूल-मालाएं लेकर जेल के बाहर पहुंच गए और जैसे ही दोनों आरोपी जेल से बाहर आए उन पर फूल बरसाने लगे. जेल के बाहर का नजारा देखकर एक पल को ऐसा लगा जैसे किसी घोटाले के आरोपियों का नहीं, बल्कि VIP का स्वागत हो रहा है.

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दरअसल, 26 मार्च 2017 को तत्कालीन कलेक्टर बी. चंद्रशेखर ने शहर की राशन दुकानों में फर्जी समग्र आईडी व फर्जी  पात्रता पर्ची से अनाज आवंटित करने के मामले में आठ राशन दुकानों की जांच कराई थी. इस पूरे मामले में राशन घोटाले के कुल 21 आरोपियों पर मामला दर्ज हुआ था. मामला अब भी न्यायालय में विचाराधीन है. इसी मामले में बीती रात 2 आरोपित तत्कालीन निगम अधिकारी राजेन्द सिंह पंवार और  रविन्द्र ठक्कर को जमानत मिली है.  

9 करोड़ रुपए का घोटाला आया था सामने
जांच में उक्त दुकानों में करीब 9.80 करोड़ रुपए का घोटाला होना पाया था. जिला प्रशासन की जांच के आधार पर 13 जनवरी 2018 को स्टेशन रोड थाने पर आरोपित तत्कालीन जिला आपूर्ति खाद्य अधिकारी आरसी जांगड़े, सहायक अधिकारी उमेश कुमार पांडे, कनिष्ठ अधिकारी वंदना बबेरिया, नगर निगम के तत्कालीन स्वास्थ्य विभाग प्रभारी राजेंद्र सिंह पंवार के अलावा स्वच्छता निरीक्षक रवींद्र ठक्कर व नगर निगम में समग्र आईडी का ठेका लेने वाली फर्म संचालक यशवंत गंग और 8 दुकान संचालकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था.

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नियमों की उड़ी धज्जियां
आरोपियों का स्वागत करते वक्त समर्थक इस बात को भी भूल गए कि जिले में कोरोना वायरस को लेकर धारा 144 लागू है. ऐसे में सवाल उठता है कि जेल के बाहर जब इतनी बड़ी संख्या में समर्थक पहुंच रहे थे, तो जिला प्रशासन सो रहा था? वहीं, जब इस संबंध में एएसपी सुनिल पाटीदार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जानकारी मिली है, हम इस मामले में जानकारी जुटाएंगे और जांच करेंगे. जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

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