आज ही के दिन 68 साल पहले हुई थी 'भारत रत्न' की स्थापना, जानिए इस सम्मान से जुड़े रोचक तथ्य
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आज ही के दिन 68 साल पहले हुई थी 'भारत रत्न' की स्थापना, जानिए इस सम्मान से जुड़े रोचक तथ्य

भारत रत्न किसी को मरणोपरांत नहीं दिया जाता था, लेकिन बाद में इस प्रावधान को जोड़ा गया.

आज ही के दिन 68 साल पहले हुई थी 'भारत रत्न' की स्थापना, जानिए इस सम्मान से जुड़े रोचक तथ्य

भोपालः कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा और खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय व असाधारण योगदान के जरिए राष्ट्र सेवा करने वालों को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ’भारत रत्न’ प्रदान किया जाता है. भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 2 जनवरी 1954 को को ’भारत रत्न’ को संस्थापित किया था. इसकी कोई अनिवार्य नहीं है कि भारत रत्‍न सम्‍मान हर साल दिया ही जाए. पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री देश के अन्य नागरिक सम्मान हैं.

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बता दें कि शुरू में भारत रत्न किसी को मरणोपरांत नहीं दिया जाता था, लेकिन बाद में इस प्रावधान को जोड़ा गया. इसी तरह खेल के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वालों को भी भारत रत्न से सम्मानित करने का प्रावधान बाद में किया गया. सचिन तेंदुलकर खेल के क्षेत्र में भारत रत्न पाने वाले अब तक इकलौते भारतीय हैं. आइये जानते हैं देश के इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य...

भारत रत्न की डिजाइन
पहले भारत रत्न की डिजाइन में 35 मिमी गोलाकार स्वर्ण पदक था और इसपर सूर्य बना था. जिसके उपर हिंदी में भारत रत्न लिखा हुआ था और नीचे की तरफ पुष्पहार था. इसके पीछे राष्ट्रीय चिन्ह और वाक्य लिखा होता था. इसके बाद रत्न में बदलाव करते हुए तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम का चमकता सूर्य बना दिया. इसके नीचे चांदी में लिखा रहता है भारत रत्न. 

1. भारत रत्न देश के राष्ट्रपति द्वारा 26 जनवरी को दिया जाता है. 1954 से अब तक 48 महानुभावों को यह सम्मान दिया गया है.

2. इस सम्मान को पाने के बाद विजेता को प्रोटोकॉल में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा स्पीकर, कैबिनेट मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पूर्व राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के नेता के बाद जगह मिलती है.

3. इस सम्मान को पहले मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, लेकिन 1955 में इसे जोड़ा गया.

4. यह जरूरी नहीं कि भारत रत्न सम्मान हर वर्ष दिया जाएगा.

5. एक साल में अधिकतम 3 व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है.

6. इस पुरस्कार को 13 जुलाई 1977 से 26 जनवरी 1980 के बीच निलंबित कर दिया था.

7. 2011 में खेलकूद के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाडियों को भारत रत्न से सम्मानित करने के क्रम में शामिल किया गया.

8. भारत रत्न से सम्मानित पहली भारतीय महिला इंदिरा गांधी थीं.

9. राजीव गांधी को सबसे कम उम्र में यह सम्मान मिला, जबकि डीके कर्वे सबसे अधिक उम्र में भारत रत्न से सम्मानित होने वाली शख्सियत थे. उन्हें 100 साल की उम्र में यह सम्मान मिला.

10. सुभाष चंद्र बोस को 1992 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया, लेकिन एक जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मरणोपरांत शब्द वापस लिया गया.  क्योंकि उनकी मृत्यु को लेकर विवाद था.

विदेशी को भी दिया गया भारत रत्न

11. भारत रत्न के संबंध में कोई लिखित प्रावधान नहीं है कि यह केवल भारतीय नागरिकों को ही दिया जाएगा.

12. 1987 में विदेशी मूल के पहले व्यक्ति खान अब्दुल गफ्फार खान को भारत रत्न से सम्मानित किया गया. साल 1990 में नेल्सन मंडेला को भी भारत रत्न से नवाजा गया था. मदर टेरेसा को भी भारत रत्न से नवाजा गया.

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भारत रत्न सम्मान का महत्व

13. भारत रत्न प्राप्त करने वाले व्यक्ति को वीवीआइपी का दर्जा मिलता है.

14. इनकम टैक्स न भरने की छूट दी जाती है. संसद की बैठकों और सत्र में भाग ले सकते हैं.

15. गणतंत्र व स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में विशेष अतिथि के तौर पर भी भाग ले  सकते हैं.

16. हवाई जहाज, ट्रेन या बस में निशुल्क यात्रा की छूट दी जाती है.

17. किसी राज्य में घुमने जाते हैं तो राज्य अतिथि का दर्जा मिलता है.

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