आपदा में धोखाः स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं के साथ ठगी, इस तरह हुआ पर्दाफाश

कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग में युवाओं को नौकरी के नाम पर ठगने वाले एक गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है. 

आपदा में धोखाः स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं के साथ ठगी, इस तरह हुआ पर्दाफाश
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ाया

बैतूलः कोरोना के इस मुश्किल वक्त में भी लोग आपदा में कैसे लोग अवसर तलाश करते है. इसका खुलासा आज बैतूल में हुआ. जहां कोविड मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्तियां करने का मामला सामने आया है. बैतूल पुलिस ने सैकड़ों लोगो को ठगने और उन्हें स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है. 

गिरोह के तीन लोग गिरफ्तार 
इस गिरोह के लोग कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग में नौकरियां दिलाने का झांसा देते हैं. पुलिस ने इस गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. जबकि गिरोह का मुख्य सरगना अभी भी फरार है.  ऐसे में पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है. 

यह पूरा मामला 
इस मामले का खुलासा करते हुए बैतूल एसपी ने बताया कि बैतूल एसडीओपी नितेश पटेल ने गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है. दरअसल, पुलिस ने बताया कि गेंदालाल बानखेड़े नाम का एक युवक पुलिस के पास पहुंचा और उसने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में स्थाई रूप से नौकरी दिलाने के नाम पर उसके साथ डेढ़ लाख रुपए की ठगी की गई है. युवक ने बताया कि गिरोह के लोगों ने उससे पैसे के अलावा, आधार कार्ड , जाति प्रमाण पत्र , स्थाई निवासी और 10वीं और 12वीं की अंक सूची की फोटो कॉपी भी ली. जिसके बाद उससे कहा गया कि एक दो दिन में उसे उसका ज्वाइनिंग लेटर आ जाएगा. 

लेटर आया तो हैरान रह गया युवक 
दो दिन बाद जब युवक को स्वास्थ्य विभाग में भर्ती का लेटर आया तो वह हैरान रग गया. क्योंकि आदेश मिलने पर उसे पता चला कि उसकी नौकरी स्थाई न होकर सिर्फ 31 मई तक कोविड-19 की ड्यूटी के लिए ही है. खास बात यह थी कि उसने वार्ड बॉय के लिए अप्लाई किया था लेकिन उसे लैब टेक्निशियन के पद पर नौकरी दी गई थी. जबकि उसके पास ऐसी कोई शैक्षणिक योग्यता ही नहीं थी. जिसके बाद युवक ने तुरंत पुलिस थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई. युवक ने बताया कि उसे अनिल पवैया, संदीप सोनी और उसके एक अन्य साथी ने नौकरी दिलाने का झांसा दिया था. 

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इस तरह हुआ मामले का खुलासा 
रिपोर्ट के बाद पुलिस ने अनिल पवैया और संदीप सोनी को गिरफ्तार कर लिया. दोनों को हिरासत में लेकर जब पुलिस ने  पूछताछ की तो दोनों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में नियुक्तियां निकलने पर उनके द्वारा उम्मीदवारों से संपर्क किया जाता था.  उनको आवेदन फार्म उपलब्ध कराने  के लिए वह लोग उनके दस्तावेज प्राप्त करता था. यह गिरोह आवेदकों से  फिंगर प्रिंट प्राप्त कर उनकी जिन पदों के लिए नियुक्ति करनी होती थी उन पदो के लिए फर्जी डिग्री बनवाता था. यह डिग्री सीहोर के एक कॉलेज की होती थी. गिरोह उम्मीदवारों से दो से ढाई लाख रुपए में चयन करने की बात करते थे.  जो लोग पैसा आरोपियो के खाते में जमा करवाते या नगदी देते थे उनका आरोपी चयन करवाते थे.

130 लोगों के साथ की ठगी 
दोनों आरोपियों ने बताया कि गिरोह ने इस कोविड काल मे बैतूल जिला अस्पताल में 130 लोगों के फार्म भरवाए थे. इसके अलावा गिरोह ऐसे ही सीहोर, विदिशा में भी स्वास्थ्य विभाग में भर्ती के नाम पर युवाओं को ठगता था. जबकि इस गिरोह का पूरा जाल भिंड ,मुरैना, ग्वालियर, बैतूल और सीहोर जिले में फैला हुआ है. जहां अब तक नौकरी के नाम पर कई लोगों की ठगी हो चुकी है. पुलिस ने इस मालले में अनिल और संदीप की मदद करने वाले एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है. जिसकी तलाश की जा रही है. 

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