भ्रष्टाचार की सारी हदें पार,कागजों में हुआ नाली निर्माण,13 लाख से अधिक राशि का हो गया भुगतान, जिम्मेदार कौन!

नगरपालिका मुंगेली का कारनामा सामने आया है.नगरपालिका जनप्रतिनिधियों की आपसी टकराव से नगर की जनता परेशान है इसी बीच घोटालों से जुड़ी एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है. नगरपालिका क्षेत्र के परमहंस वार्ड में नाली निर्माण के नाम से 13 लाख रुपये से अधिक राशि बिना कार्य किये भुगतान भी हो गया.

भ्रष्टाचार की सारी हदें पार,कागजों में हुआ नाली निर्माण,13 लाख से अधिक राशि का हो गया भुगतान, जिम्मेदार कौन!
भ्रष्टाचार की सारी हदें पार

राकेश सिंह/ मुंगेली: सरकार विकास के लिए पैसे तो देती है लेकिन कुछ जिम्मेदार निर्माण सिर्फ कागज पर ही कर पैसे हड़प कर लेते है. सुनकर आप भी हैरान होंगे जी हां मुंगेली नगरपालिका क्षेत्र में निर्माण कार्य के नाम से 13 लाख रुपये का भुगतान हो गया लेकिन धरातल में कुछ हुआ नही. अब इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई पक्ष विपक्ष सभी दोषियों पर कार्रवाई चाहते है पर जिम्मेदार कौन यह तय नहीं हो पा रहा.

बिना कार्य कैसे भुगतान हुई राशि
मुंगेली नगरपालिका में इन दिनों अजब गजब कारनामे हो रहे है जिससे नगर का विकास मानो थम सा गया है. नगरपालिका जनप्रतिनिधियों की आपसी टकराव से नगर की जनता परेशान है इसी बीच घोटालों से जुड़ी एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है. नगरपालिका क्षेत्र के परमहंस वार्ड में नाली निर्माण के नाम से 13 लाख रुपये से अधिक राशि बिना कार्य किये भुगतान भी हो गया.

पैसों का गबन
मामला तब उजागर हुआ जब परमहंस वार्ड के बीजेपी पार्षद और नगरपालिका के उपाध्यक्ष मोहन मल्लाह ने जानकारी निकाली तो यह राशि गार्डन की बाउंड्रीवाल के नाम से दर्शाया गया. जबकी इसके जुड़े दस्तावेज देखे तो इसकी मेनेजिक बुक में होरी शर्मा के घर से गार्डन की बाउंड्री होते हुए स्टेडियम तक बनाई जानी है. जिसकी लागत तकरीब 17 लाख है 2019 में स्वीकृत इस कार्य से 19 फरवरी 2021 को 13 लाख 21 हजार 818 रुपये का भुगतान सोफिया कंट्रक्शन अकलतरा को भुगतान किया गया है. जबकि धरातल में नाली निर्माण हुआ ही नहीं. वही अब इस मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है.

राजनीति हुई तेज़
नगरपालिका उपाध्यक्ष मोहन मल्लाह सम्बंधित वार्ड के भाजपा पार्षद सहित कांग्रेस नेताओं ने इसकी शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है. वही इन सबके बीच वार्डवासी बेहद परेशान है कि सालों से उनको नाली की जरूरत थी. स्वीकृत भी हुई लेकिन जिम्मेदारों ने उसका घोटाला कर दिया जिसकी वजह से कागज में नाली निमार्ण तो हुआ पर धरातल में कुछ नही ऐसे लोगो के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

बड़ी बात आई सामने
कागजों में नाली निर्माण के बाद बीजेपी के नगरपालिका अध्यक्ष सन्तुलाल सोनकर का भी जवाब बड़ा ही रोचक है. उन्होंने कहा की नगर पालिका में इतने चेक काटे जाते है हो सकता है भूलवश कट गया होगा. मैं क्योकि मेरे पास जो चेक आते है साइन होने के लिए वो इंजीनियर से साइन होकर फ़ाइल मेरे पास आती है उन्होंने ये भी एक बड़ी बात कही की इस मामले की जानकारी लेने के लिए उन्हें RTI का सहारा लेना पड़ेगा. तब उस जानकारी के बाद ही ठेकेदार को नोटिस भेजेंगे. संतुष्टि पूर्वक जवाब नहीं आने पर FIF कराई जाएगी. लेकिन अध्यक्ष को नगर पालिका से किसी भी निर्माण कार्य की जानकारी लेने के लिए RTI से जानकारी लेनी पड़े ये भी अपने आप मे एक बड़ा सवाल खड़ा करता है.

जांच बाद होगी कार्यवाई
मामले में नवपदस्थ कलेक्टर अजित वसन्त ने संज्ञान लेकर जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी को आदेशित किया है. जांच उपरांत दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई है.

जिम्मेदार कौन है
नगरपालिका क्षेत्र में हुए इस घोटाले की आंच सोफिया कंट्रक्शन पर मंडराने लगी है. ये वही फर्म है जिसके ऊपर एलईडी घोटाले का आरोप भी लगा था जो नगरपालिका क्षेत्र में बहुत सारे कार्य का टेंडर लेकर कार्य कर रहे है. वही सारे जनप्रतिनिधियों ने इस मामले पर कार्रवाई की बात तो कही है लेकिन जिम्मेदार कौन है यह जांच के बाद स्पष्ट हो ही जाएगा. लेकिन सवाल यह है कि जिस तरह से परिषद के जनप्रतिनिधियों ने जांच और कार्रवाई की बात कही है वो होगी यह आने वाला वक्त तय कर देगा.

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