अंगूर के बागों पर बेमौसम बारिश की मार, हो सकता है 9 हजार करोड़ रुपए का नुकसान

बाग से मार्केट ले जाने के लिए तैयार अंगूर का बेमौसेम बारिश ने बड़ा नुकसान किया है. 

अंगूर के बागों पर बेमौसम बारिश की मार, हो सकता है 9 हजार करोड़ रुपए का नुकसान
बेमौसम बारिश से अंगूर के बागों का बड़ा नुकसान हुआ है

महाराष्ट्र: बेमौसम बारिश से महाराष्ट्र में अंगूर के बागों का बड़ा नुकसान हुआ है. अंगूर के बागों के मालिकों को इस साल 9 हजार करोड़ का नुकसान होने की संभावनाएं हैं. इसका अंगूर निर्यात पर असर दिखेगा. साथ ही इस साल दाम बढ़ने के साथ ही अंगूर का स्वाद खट्टा हो सकता है. महाराष्ट्र में पिछले साल 38000 निर्यात-योग्य अंगूर के बाग थे. तो सांगली में 22, सातारा में 474, पुणे में 1508, अहमदनगर में 504, उस्मानाबाद में 237, लातूर में 130 और सोलापुर में 156 निर्यात योग्य अंगूर के बाग दर्ज किए गए है. इस साल बेमौसम बारिश से अंगूर के बाग का नुकसान हुआ है. इस साल अंगूर की गुणवत्ता पर असर पड़ा है. बाग से मार्केट ले जाने के लिए तैयार अंगूर का बेमौसेम बारिश ने बड़ा नुकसान किया है. 

अंगूर के बाग के किसान सुनील जाधव ने बताया की इस साल बेमौसम बारिश से निर्यात योग्य अंगूर खराब हुआ है. हमारा बड़ा नुकसान हुआ है. इस साल शायद मैं अंगूर को निर्यात के लिए नहीं भेज सकता. अंगूर के बाग के किसान धनाजी जाधव बताते हैं कि इस साल बेमौसम बारिश से अंगूर के बाग का नुकसान हुआ है. इस साल के अंगूर भी खट्टे हैं. हमारे लिए खेती नुकसान की हुई है.

अंगूर का सबसे अधिक निर्यात नासिक जिले से होता है. नासिक में सबसे अधिक अंगूर के बाग हैं. लगभग 38000 अंगूर के बाग निर्यात योग्य हैं. इन बागों से किसानों ने एक लाख 11 हजार 684 टन निर्यात क्षमता के साथ अंगूर उगाए थे. इस साल 30 फीसदी नुकसान की संभावना है. साल 2018 और 2019 में 5 हजार 54 मेट्रीक टन अंगूर का निर्यात हुआ था. लेकिन इस साल अभी तक सिर्फ 860 मेट्रीक टन निर्यात हुआ है. रशिया, दुबई, श्रीलंका और अन्य देशों में नासिक के अंगूर निर्यात किए गए.

नासिक के कृषि अधिकारी नरेंद्र आघाव बताते हैं कि, इस साल बेमौसम बारिश से किसानों का नुकसान हुआ है. लगभग 30 फीसदी अंगूर के बाग खराब हुए हैं. अंगूर के निर्यात में 30 फीसदी की कमी आने की संभावना है. फिलहाल नासिक में मेघाच्छादित मौसम है. ऐसे में नासिक के अंगूर की मिठास बढ़ने की बजाए स्वाद खट्टा होगा. इसके चलते खाने के अंगूर के दाम इस साल बढ़ सकते हैं.