धरना शुक्रवार तक रहेगा जारी, ममता को समर्थन देने पहुंचे तेजस्वी यादव और कनिमोझी

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और डीएमके सांसद कनिमोझी ने बनर्जी के धरनास्थल पर पहुंचकर एकजुटता दिखाई. 

धरना शुक्रवार तक रहेगा जारी, ममता को समर्थन देने पहुंचे तेजस्वी यादव और कनिमोझी
बनर्जी रविवार रात से एस्प्लानेड क्षेत्र में मेट्रो चैनल में धरने पर बैठी हैं.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि चिटफंड घोटाला मामलों में कोलकाता के पुलिस प्रमुख से पूछताछ की सीबीआई की कोशिश के खिलाफ उनका धरना शुक्रवार तक जारी रहेगा. इसी बीच, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और डीएमके सांसद कनिमोझी ने बनर्जी के धरनास्थल पर पहुंचकर एकजुटता दिखाई. समाजवादी पार्टी के नेता किरणमय नंदा भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंच चुके हैं.

बनर्जी रविवार रात से एस्प्लानेड क्षेत्र में मेट्रो चैनल में धरने पर बैठी हैं. इसी जगह वह 2006 में टाटा मोटर्स द्वारा अपनी छोटी कार परियोजना के वास्ते सिंगूर में किए गए कृषि भूमि के अधिग्रहण के खिलाफ 26 दिन तक उपवास पर बैठी थीं. उन्होंने कहा, "यह प्रदर्शन शुक्रवार तक चलेगा. चूंकि बोर्ड परीक्षाएं शीघ्र ही शुरू हो रही हैं, अतएव हम लाउडस्पीकर नहीं बजाएंगे ताकि छात्र परेशान न हों."  

उन्होंने अपने धरने को चिटफंड घोटालों में शहर के पुलिस आयुक्त से पूछताछ की सीबीआई की कोशिश और राज्य में कथित 'तख्तापलट' की केंद्र की कोशिश के खिलाफ सत्याग्रह बताया. यादव और कनिमोझ ने बनर्जी से बातचीत की और उनसे रविवार शाम की घटनाओं के बारे में जानकारी ली.

कोलकाता रवाना होने से पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी ने सीबीआई जैसी जांच एजेंसी पर भाजपा विरोधी राजनीतिक हस्तियों को परेशान करने तथा उसके पाले में चले गए नेताओं को राजा हरिश्चंद्र की तरह बर्ताव करने का आरोप लगाया.

वहीं, ममता को विपक्षी दलों से मिल रहे समर्थन की बीजेपी ने आलोचना करते हुए कहा कि करोड़ों रूपये के सारदा घोटाले में कोलकाता पुलिस प्रमुख से सवाल करने के सीबीआई के कदम के खिलाफ उनके (ममता के) प्रदर्शन के बाद 'भ्रष्टों का गठबंधन' उभर रहा है. बीजेपी ने इस मुद्दे पर जवाबी हमला करने के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों को भी उतार दिया.

केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हैरानी जताते हुए कहा कि क्या ममता ने पुलिस आयुक्त का इसलिए समर्थन किया है कि उनके पास गोपनीय 

जानकारी है और उन्हें बचाने की जरूरत है. उन्होंने सीबीआई के कदम को संघीय ढांचे पर हमला और राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सीबीआई ने कानून के मुताबिक काम किया है और उसे बगैर वारंट के किसी को गिरफ्तार करने या पूछताछ करने की शक्ति है.