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नेशनल हेराल्ड हाउस खाली होगा या नहीं; दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला शुक्रवार को

जस्टिस सुनील गौर की पीठ के फैसले से साफ होगा कि नेशनल हेराल्ड हाउस खाली होगा या फिर बना कब्जा रहेगा.

नेशनल हेराल्ड हाउस खाली होगा या नहीं; दिल्ली हाईकोर्ट का अहम फैसला शुक्रवार को
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पटियाला हाउस कोर्ट में नेशनल हेराल्ड मामले में शिकायत दर्ज कराई थी.

नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड हाउस को खाली कराने से जुड़ी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट शुक्रवार को अपना फैसला सुनाएगा. जस्टिस सुनील गौर की पीठ के फैसले से साफ होगा कि नेशनल हेराल्ड हाउस खाली होगा या फिर बना कब्जा रहेगा. दरअसल, एजेएल ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नेशनल हाउस हाउस की लीज रद्द करने के फैसले को चुनौती दी है. इस मामले में हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 22 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 

इससे पहले केंद्र सरकार की तरफ़ से पेश तुषार मेहता ने कहा था कि इंडियन एक्सप्रेस बिल्डिंग से जुड़ा जजमेंट इस मामले में गलत तरीके से कोड किया गया है.पब्लिक प्रोपर्टी को जिस वजह से दिया गया, वो हेराल्ड हाउस में कई बरसों से किया ही नहीं गया. ये कहना पूरी तरफ आए ग़लत है कि नेहरू की विरासत को ख़त्म करने की कोशिश है. लीज रद्द करने से पहले कई बार नोटिस दिया गया.  

हाईकोर्ट कोर्ट ने कहा था कि जब अभी हेराल्ड हाउस से न्यूज़पेपर चला रहे है तो क्या अभी भी बिल्डिंग वापस ली जा सकती है? तुषार मेहता ने कहा था कि उन्होंने न्यूज़पेपर जब शूरू किया जब हमने कारवाई करने का और लीज रद्द करने का फ़ैसला कर लिया. आपको बता दें कि एजेएल की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि दो अधिकारी नेशनल हेराल्ड हाउस के परिसर में दाखिल हुए थे, जोकि नहीं होना चाहिए था. उन्होंने अदालत के समक्ष फोटोग्राफ भी पेश किए. सिंघवी ने कहा था कि सभी प्रिंट और प्रेस का काम परिसर से हो, ऐसा जरूरी नहीं है. एक नई प्रिंटिंग प्रेस लगाई जा चुकी है. एजेएल अब भी परिसर का मालिक है और यंग इंडिया सिर्फ कंपनी में 98 फीसद की शेयर धारक थी.  

क्या है पूरा मामला
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पटियाला हाउस कोर्ट में नेशनल हेराल्ड मामले में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल, सोनिया गांधी और अन्य पर आरोप लगाया था कि उन्होंने साजिश के तहत महज 50 लाख रुपये का भुगतान कर धोखाधड़ी की. जिसके जरिये यंगइंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने  90.25 करोड़ रुपये की वह रकम वसूलने का अधिकार हासिल कर लिया, जिसे एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड को कांग्रेस को देना था.इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नाडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया कंपनी आरोपीहैं. फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर हैं.इस मामले में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज हो चुके हैं.