पार्रिकर के उत्तराधिकारी के लिए तीन नाम चुने जाने की संभावना

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर को केंद्रीय मंत्री परिषद में शामिल किए जाने की संभावना है और समझा जाता है कि भाजपा उनके संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर तीन नामों का चयन करेगी । पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने आज यह जानकारी दी।

पणजी: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर को केंद्रीय मंत्री परिषद में शामिल किए जाने की संभावना है और समझा जाता है कि भाजपा उनके संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर तीन नामों का चयन करेगी । पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने आज यह जानकारी दी।

 

भाजपा के विधायक दल की एक बैठक आज पोरवोरिम में होगी जिसमें उप मुख्यमंत्री फ्रांसिस डी’सूजा, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मीकांत परसेकर और विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र अर्लेकर के नामों की पार्रिकर के उत्तराधिकारी के तौर पर सिफारिश की जाएगी। इन तीनों नामों की पुष्टि करते हुए पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि भाजपा संसदीय बोर्ड कल नयी दिल्ली में अपनी बैठक के बाद इस बारे में औपचारिक घोषणा करेगा। इस बीच, गोवा की राजधानी पणजी में रात भर गहन राजनीतिक चर्चाओं और बैठकों का दौर जारी रहा। रात भर भाजपा के सभी विधायक एक होटल में एकत्र रहे।

हालांकि बीती देर रात को बंद कमरे में हुई बैठक से बाहर निकलने के बाद भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष विनय तेंदुलकर ने कहा ‘यह गर्व की बात है कि पार्रिकर को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है और देश का रक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। लेकिन हमें यहां गोवा में उनकी कमी निश्चित रूप से खलेगी’। उन्होंने पार्रिकर के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर चुने गए नामों के बारे में बताने से इंकार कर दिया लेकिन कहा ‘यह पद सक्षम व्यक्ति को दिया जाएगा।’ रक्षा मंत्री के तौर पर नियुक्ति की संभावना के बारे में आ रही खबरों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पार्रिकर ने कल कहा था कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उनसे कहा था कि अगर केंद्र उन्हें कोई जिम्मेदारी लेता है तो वह उसे उठाएं जिसके बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेने की इच्छा जताई।

गोवा में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले भाजपा के 58 वर्षीय पार्रिकर राज्य की राजनीति से अलग होने की घोषणा करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने संवाददाताओं से कहा ‘मैं पद छोड़ते हुए व्यथित हूं। लेकिन मेरे लिए देश राज्य से बड़ा है। मेरे अंदर मिलाजुला अहसास है।’

बाद में शाम को जब पार्रिकर ने पणजी में पार्टी के कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तो उनकी आंखें छलक पड़ीं। अपनी भावनाओं को काबू करने में नाकाम रहे पार्रिकर ने संक्षिप्त संबोधन में कहा ‘मैं इसलिए दिल्ली जा रहा हूं क्योंकि उन्होंने मुझसे नयी जिम्मेदारी लेने को कहा है। गोवा को जब भी जरूरत होगी, मैं हमेशा उसके लिए उपलब्ध रहूंगा।’’ बैठक समाप्त करते हुए उन्होंने कहा ‘अगर मैं और बोलूंगा तो और भावुक हो जाउंगा।’ कल देर रात एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान पार्रिकर ने कहा कि अगर उन्हें दिल्ली में नयी जिम्मेदारी के लिए चुना जाता है तो उन्हें ‘फिश करी राइस’ की बहुत याद आएगी ।