Home Quarantine में इस तरह बेहतर करें अपना Oxygen लेवल, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई तकनीक

नए कोरोना वैरिएंट की चपेट में आए मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें आ रही हैं. यही कारण है कि देशभर के अस्पतालों में अचानक ऑक्सीजन की रिक्वायरमेंट बढ़ गई है. ऐसे में होम क्वारंटीन में अपना इलाज करा रहे लोगों को स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक Exercise बताई है, जिसे करने से आप ऑक्सीजन संबंधी परेशानी को दूर रख सकते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में...

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Apr 22, 2021, 23:07 PM IST
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सांस की तकलीफ से बचाती है प्रोनिंग

The process of pruning gives relief

होम आइसोलेशन में अपना इलाज करा रहे कोरोना मरीजों के लिए प्रोनिंग काफी मददगार है. ये एक तरह की प्रक्रिया होती है, जिस पेट के बल लेटकर पूरा किया जाता है. इस तरह लेटने से फेफड़ों तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचती है, और सांस लेने में सुधार होता है.

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कब पड़ती है प्रोनिंग की जरूरत?

When does the processing process come to fruition

दुनियाभर के डॉक्टर्स इस प्रक्रिया का उस वक्त इस्तेमाल करते हैं जब किसी मरीज को सांस लेने में परेशानी होने लगती है, और उसका ऑक्सीजन लेवल (SpO2) घटकर 94 से कम होता है. इस प्रक्रिया के लिए गर्दन के नीचे एक तकिया रखें. फिर एक या दो तकिया छाती के नीचे रखें (ऊपरी थाइज के जरिए) और दो तकिया पैर के अगले भाग के नीचे रखना होता है.

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4-5 तकियों की पड़ती है जरूरत

4-5 pillows are needed

अगर आप खुद से प्रोनिंग (Self Proning) कर रहे हैं तो आपको 4-5 तकिये की जरूरत होगी. इसमें उपयुक्त मुद्रा में 30 मिनट से ज्यादा नहीं रहना है. ध्यान रहे, खाना खाने के कम से कम एक घंटे बाद ही यह प्रक्रिया अपनाएं.

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ये लोग इस प्रक्रिया को करने से बचें

These people should avoid doing this process

प्रेगनेंसी, कार्डिएक कंडीशन, शरीर में स्पाइनल से जुड़ी कोई समस्या या फ्रैक्चर हो तो इस प्रक्रिया को न अपनाएं. इससे आपको नुकसान हो सकता है. 

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इन चीजों का रखें खास ख्याल

Take special care of these things

इसके अलावा होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे कोरोना मरीज समय-समय पर अपना ऑक्सीजन लेवल, बुखार, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर चेक करते रहें.