कोरोना से लड़ाई में ट्रेन बनेगी चलता-फिरता अस्पताल, देखें आइसोलेशन कोच की तस्वीरें

लवे ने अपने खाली पड़े ट्रेन की बोगियों को आइसोलेशन कोच बनाने का काम शुरू कर दिया है. 

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने खाली पड़े ट्रेन की बोगियों को आइसोलेशन कोच बना रहा है. देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए आने वाले समय में ज्यादा आइसोलेशन सेंटर्स की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में रेलवे ने अपने खाली पड़े ट्रेन की बोगियों को आइसोलेशन कोच बनाने का काम शुरू कर दिया है. 

 

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डॉक्टर और नर्सों के लिए अलग केबिन

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बोगियों में डॉक्टर, नर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए अलग केबिन बनाए जा रहे हैं. 

 

 

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रेलवे का आइसोलेशन कोच तैयार

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कोच को सैनिटाइज करके दोनों टॉयलेट को बाथरूम में कन्वर्ट किया जा रहा है. इसके साथ ही नए सिरे से फ्लोरिंग की जा रही है. 

 

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मिलेंगी अस्पताल जैसी सुविधाएं

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मरीज के लिए कैबिन तैयार करने के लिए बीच के बर्थ को एक तरफ से हटाया गया है. मरीज के बर्थ के सामने के सभी 3 बर्थों को हटाया गया है. बर्थ पर चढ़ने के लिए लगाई गई सभी सीढ़ियों को भी हटाया गया है.

 

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बातरूम बनाए गए

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आइसोलेशन कोच तैयार करने के लिए बाथरूम, गलियारे और दूसरी जगहों पर भी फेरबदल किया गया है. रेलवे का कहना है कि कोच में नहाने के लिए बकेट और हैंड्स  शावर की व्यवस्था की गई है.

 

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मेडिकल इक्विपमेंट्स के लिए अलग कंपार्टमेंट

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मेडिकल इक्विपमेंट्स के लिए कंपार्टमेंट में इलेक्ट्रिक पॉइंट बनाए गए हैं. हर कोच में 10 आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जाएंगे. 

 

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कोचों को सैनिटाइज करने का काम शुरू

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रेलवे योजना बना रहा है कि हर जोन में हर हफ्ते 10 कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदला जाए.

 

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रेलवे के पास पूरा इंतजाम

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रेलवे का कहना है कि जरूरत पड़ने पर तीन लाख तक आइसोलेटेड वार्ड रेलवे बना सकता है. रेलवे के पास इसका सारा इंतजाम है.